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भयंकर टक्कर में लगी आग कई किलोमीटर दूर तक दिखी, दो ड्राइवरों की मौत, SMS अस्पताल अलर्ट मोड पर
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सुनील शर्मा
जयपुर।जयपुर-अजमेर हाईवे पर मंगलवार देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। एलपीजी सिलेंडर से भरे ट्रक और एक केमिकल लदे टैंकर की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सिलेंडर वाले ट्रक में भयंकर ब्लास्ट हुआ और आग ने दोनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। धमाकों की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी और आग की लपटें दूर-दूर से दिखाई देने लगीं।
धमाके से उड़े सिलेंडर, 10 से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त
हादसे के बाद एलपीजी सिलेंडरों में एक के बाद एक धमाके होते गए। कई सिलेंडर के टुकड़े पास से गुजर रहे वाहनों पर जा गिरे, जिससे करीब 10 से 12 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में 5 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाके इतने तेज थे कि आसपास के गांवों तक कंपन महसूस हुआ।
दो ड्राइवरों की मौत की आशंका
टैंकर के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिलेंडर ट्रक के ड्राइवर के जिंदा जल जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सड़क किनारे खड़े या गुजर रहे अन्य लोगों की जान बच जाना राहत की बात रही।
सुबह 6 बजे तक 25 किलोमीटर लंबा जाम
हादसा जयपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर दूदू इलाके में हुआ। अगली सुबह तक हाईवे पर लगभग 25 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
फायर ब्रिगेड की करीब 20 गाड़ियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन ट्रकों के मलबे को हटाने में देर होने से जाम खुलने में समय लग रहा है।
CM भजनलाल शर्मा का एक्शन, बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्काल एक्शन लिया और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को मौके पर रवाना किया।
मुख्यमंत्री के आदेश पर घटनास्थल से जयपुर के एसएमएस अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया ताकि एंबुलेंस और रेस्क्यू टीमें बिना रुकावट पहुंच सकें।
जयपुर पुलिस कमिश्नर की देखरेख में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
SMS अस्पताल अलर्ट मोड पर, डॉक्टर्स की टीम एक्टिव
जयपुर के एसएमएस अस्पताल को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है।
डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और इमरजेंसी मेडिकल टीमें घायलों के इलाज में जुटी हैं।
फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें लगातार घटनास्थल से घायलों को अस्पताल पहुंचा रही हैं।
मौके पर मचा हड़कंप
हादसे के बाद दूदू और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। कई लोग घरों से बाहर निकल आए।
पुलिस और प्रशासन ने रातभर बचाव कार्य चलाया। अधिकारियों का कहना है कि “अगर ब्लास्ट के समय ट्रैफिक ज्यादा होता, तो नुकसान बहुत बड़ा हो सकता था।”
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