लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सीकर/लोसल: लोसल कस्बे में मंगलवार से तीन दिवसीय 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। महायज्ञ से पूर्व दोपहर को कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया।
रामानंद आश्रम परमानंद धाम से शुरू हुई कलश यात्रा बंध्या कुआं चौक, मुख्य बाजार और विवेकानंद चौक होते हुए महायज्ञ स्थल श्याम हवेली पहुँची। यात्रा में गाजे-बाजे और जीवंत झांकियों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक रंगों का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर लोहागर्ल के पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज सहित कस्बे के कई प्रबुद्ध नागरिकों ने भी कलश यात्रा में भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। महायज्ञ स्थल पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए गायत्री परिवार के सदस्यों का माल्यार्पण कर नागरिकों ने स्वागत किया।
गायत्री महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ 30 दिसंबर को प्रातः देव पूजन के साथ होगा। इसके बाद 31 दिसंबर को दीपदान और 1 जनवरी को महायज्ञ पूर्णाहुति के पश्चात प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
यह महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।









































