लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सत्यनारायण सेन गुरलां
गुरलां / कोटड़ी मेवाड़ अंचल के ऐतिहासिक धार्मिक धाम कोटड़ी मुख्यालय स्थित भगवान श्रीचारभुजानाथ के मंदिर में बुधवार को जलझूलनी एकादशी पर जलझूलन महोत्सव का आयोजन + अवसर पर होगा। इस अवसर पर हजारों की + का मुख्य बाजार और मंदिर प्रांगण विशेष रोशनी से जगमगा रहा है।
श्रीचारभुजा मंदिर ट्रस्ट व प्रशासन ने भक्तों को परेशानी मुक्त दर्शन करानेके लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंगलवार से ही विभिन्न क्षेत्रों से पदयात्रियों के जत्थे कोटड़ी पहुँचने लगे, जिनका जगह-जगह लंगरों व पेय पदार्थों से स्वागत किया गया। क्षेत्र में अच्छी वर्षा के कारण तालाब-बांध लबालब होने से मेले का उत्साह और बढ़ गया।
भक्तों के कंधों पर रहेंगे ठाकुरजी
कोटड़ी की अनूठी परंपरा के अनुसार जलझूलनी के दौरान भगवान की रजत रेवाड़ी पूरे समय भक्तों के कंधोंपर ही रहती है। अन्य स्थानों पर जहाँ विराम के दौरान बेवाण को उतारकर टिकाया जाता है, वहीं कोटड़ी में ठाकुरजी केवल भक्तों के कंधों पर ही विराजते हैं। हर भक्त प्रभु की रेवाड़ी को कंधा देने की होड़ में रहता आयोजन के दौरान कंधों पर ठाकुरजी पूरे 18 घंटे सवार रहेंगे
ग्यारह मंदिरों की बेवाण एक साथ
कोटड़ी कस्बे के 11 मंदिरों से बेवाण जलझूलन महोत्सव में शामिल होती हैं। इनमें नृसिंह भगवान, राधा-कृष्ण, राम-जानकी, रघुनाथजी, गोपालनाथ, लक्ष्मीनाथ, सत्यनारायण आदि विराजमान रहते हैं। इस दौरान श्रद्धालु सभी भगवानों के दर्शन एक साथ करने का सौभाग्य पाते हैं।
किसान के वेश में होंगे दर्शन
जलझूलन के अवसर पर भगवान श्रीचारभुजानाथ आकर्षक पोशाक छोड़कर किसान के रूप में नगर भ्रमण को निकलते हैं। कस्बे के दर्जी समाज द्वारा हाथों की सुई-धागे से तैयार की गई पारंपरिक पोशाक इस परंपरा को जीवित रखे हुए है।
सुरक्षा व व्यवस्था पुख्ता
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उपखंड अधिकारी तानिया रिणवा, एएसपी राजेश आर्य, तहसीलदार रामकिशोर मीणा सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रखे हुए हैं। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुदर्शन गाड़ोदिया ने बताया + कि 30 सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेले की मॉनिटरिंग की जा रही है। + दर्शनार्थियों के लिए चार लाइनें बनाई गई हैं और 50 गार्ड तैनात किए गए हैं।










































