लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। करौली से आए किसान ने कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा और कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव और अन्य अधिकारियों के सामने रिलायंस कंपनी की पोल खोल कर रख दी किसान ने कहा कि रिलायंस कंपनी ने किसानों से फसल बीमा प्रीमियम के नाम पर लाखों रुपए वसूल लिए लेकिन जब फसल खराब हुई तो गिरदावरी रिपोर्ट में 70 फ़ीसदी फासले खराब होने के बावजूद बहुत कम मुआवजा राशि दी गई ।
फ़सल बीमा को लेकर नाराजगी
आखिरकार इनका कैलकुलेशन करने का तरीका क्या है? यह समस्या पर है पूरे करौली जिले में किसानों को किसी के खाते में ₹100 किसी खाते में ₹500 किसी खाते में ₹5000 मुआवजे के तौर पर आई है जो बहुत कम है । किसान ने यहां तक कहा कि उन्होंने एक दर्जन पत्र लिखकर रिलायंस कंपनी को इस बारे में अवगत कराया और जानना चाहा कि किस कैलकुलेशन के आधार पर उन्हें मुआवजा राशि भेजी गई, इस पर कंपनी के प्रतिनिधि में किसी भी पत्र के आने से इनकार कर दिया ।लेकिन किसान ने बताया कि इसकी प्रति लिपि उन्होंने प्रमुख शासन सचिव और मंत्री जी को भेजी है । इसी तरह कोटा से आए किसानों ने भी फसल बीमा राशि को लेकर सवालिया निशान उठाए। अधिकांश किसानों की शिकायत थी की फसल बीमा कंपनियों बीमा तो कर देती है, प्रीमियम की राशि भी वसूल लेती है ,लेकिन जब फसलों का खराब होता है तब किसानों को मुआवजा राशि देने में कई तरह के नियम कायदे लगाती है और मुआवजा पूरा नहीं दिया जाता है ।यह सालासर गलत है मंत्री जी इस पर ध्यान दें।
किरोड़ी लाल मीना ने किया किसानो से संवाद
दरअसल यह मामला प्रदेश में कृषकों के कल्याण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत मंगलवार को पंत कृषि भवन, जयपुर में प्रदेश के विभिन्न किसान संघों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल के साथ संवाद के दौरान हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषक आदान-अनुदान, नवीन बीज विधेयक, पेस्टीसाइड्स मैनेजमेंट बिल सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से संबंधित योजनाओं तथा बजट घोषणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को लगाई फटकार
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद का समय बाद रूप से वितरण सुनिश्चित किया जाए एवं इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही की शिकायत प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर किसान संघों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं, सुझाव एवं अपेक्षाएं रखीं, जिन पर कृषि मंत्री ने गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल, आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल, आयुक उद्यानिकी शुभम चौधरी सहित कृषि एवं उद्यानिकी, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








































