लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जनसहभागिता और संस्थागत सहयोग से जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण
राजसमंद (गौतम शर्मा)। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत संचालित कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत गुरुवार को खटामला एवं धायला ग्राम पंचायत क्षेत्रों में विभिन्न जल संरक्षण गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल कलश यात्रा, श्रमदान तथा नव निर्मित जल संरक्षण संरचनाओं का अवलोकन किया गया।
भूजल विभाग के हाइड्रोलॉजिस्ट संदीप जैन ने बताया कि खटामला ग्राम पंचायत में JK Tyre & Industries Limited कांकरोली के आर्थिक सहयोग तथा सेवा मंदिर उदयपुर के सहयोग से पंचायत के समीप स्थित नाड़ी पर जल कलश यात्रा एवं श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
वहीं धायला ग्राम पंचायत के देवरो का खेड़ा क्षेत्र में नए जल संरक्षण कार्यों का शुभारंभ किया गया, जहां ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
145 ट्रेंच और 20 रिचार्ज पिट का निर्माण
अभियान के तहत क्षेत्र में अब तक 145 ट्रेंच और 20 रिचार्ज पिट का निर्माण किया जा चुका है। हाइड्रोलॉजिस्ट संदीप जैन ने इन संरचनाओं का निरीक्षण करते हुए बताया कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और भूजल स्तर में सुधार के लिए यह कार्य अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि रिचार्ज पिट और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से बारिश के पानी को जमीन में समाहित किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में जल संकट की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
जल संरक्षण में जनसहभागिता अहम
संदीप जैन ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनसहभागिता और संस्थागत सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के माध्यम से लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ धरातल पर ठोस कार्य भी किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में सेवा मंदिर कांकरोली के समन्वयक नारायण लाल पटेल, प्रभारी धुलाराम, भूपेंद्र शर्मा, फील्ड सुपरवाइजर गणपत लौहार, अध्यक्ष रूपलाल पालीवाल, सचिव कैलाश चंद्र सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम में खटामला ग्राम पंचायत के लगभग 135 ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि जल संरक्षण के ऐसे अभियान भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।