लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
(रिपोर्ट: नितिन मेहरा, अजमेर)
अजमेर। अजमेर में बोहरा समाज के कब्रिस्तान की जमीन विवाद ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। फॉयसागर रोड स्थित विवादित जमीन से जुड़े दस्तावेजों में ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनसे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
रजिस्ट्री में आरोपी का नाम सामने आया
जानकारी के अनुसार, जमीन की रजिस्ट्री में ‘खरीदार’ के रूप में अली अकबर उर्फ बाबू का नाम दर्ज है। यह वही अली अकबर बताया जा रहा है, जिसे हाल ही में हरियाणा के अंबाला में RDX और आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।
आर्थिक स्थिति पर उठे सवाल
मामले ने तब और सवाल खड़े कर दिए जब यह तथ्य सामने आया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को आर्थिक रूप से कमजोर बताया गया था और उसके ऑटो चलाने तक की बात कही गई थी। ऐसे में करोड़ों की जमीन में उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां अब इसे संदिग्ध ‘बेनामी निवेश’ या संभावित फंडिंग लिंक के तौर पर देख रही हैं।
‘फ्रंटमैन’ होने की आशंका
स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों के अनुसार आशंका जताई जा रही है कि अली अकबर किसी बड़े नेटवर्क या सिंडिकेट के लिए फ्रंटमैन के रूप में काम कर रहा हो सकता है।
दाऊदी बोहरा पंचायत के प्रतिनिधियों के अनुसार, आरोपियों ने जमीन पर जेसीबी चलाकर कब्जे की कोशिश भी की थी, जिसे विरोध के बाद रोका गया। फिलहाल वक्फ ट्रिब्यूनल ने इस रजिस्ट्री पर स्टे जारी कर दिया है।
आपराधिक रिकॉर्ड की जांच
सूत्रों के मुताबिक आरोपी पहले भी धमकी और आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। अब जांच एजेंसियां उसके पुराने लेन-देन, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच और तेज कर दी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश जारी है।




















































