लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सिरोंज गांव में 5 घंटे बाद प्रशासन की पहल से बनी सहमति
अरांई, अजमेर। सिरोंज गांव में कब्रिस्तान भूमि के सीमा ज्ञान को लेकर उत्पन्न विवाद के चलते एक मृतक का अंतिम संस्कार करीब पांच घंटे तक नहीं हो सका। विवाद उस समय गहरा गया जब मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि सीमा स्पष्ट नहीं होने का हवाला देते हुए शव को दफनाने से इंकार कर दिया और सीमा ज्ञान करवाने की मांग पर अड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही अरांई थाना से एएसआई वृद्धि चंद मौके पर पहुंचे। साथ ही तहसीलदार प्रेम सुख वैष्णव एवं विकास अधिकारी शिवदान सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर सहमति नहीं बन सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी नीतू मीणा भी सिरोंज ग्राम पंचायत पहुंचीं। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अरांई थाना अधिकारी दिनेश कुमावत को मौके पर बुलाया गया।
थाना अधिकारी दिनेश कुमावत ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कब्रिस्तान भूमि का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। यदि मुस्लिम पक्ष न्यायालय से सीमा ज्ञान के आदेश लेकर आता है, तो वे स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर सीमा ज्ञान करवाएंगे और यदि कोई अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटवाया जाएगा।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद, तहसीलदार प्रेम सुख वैष्णव, विकास अधिकारी शिवदान सिंह बोराड़ा, थाना एएसआई सुरेश चंद तथा ग्राम पंचायत प्रशासक रामलाल मीणा की मौजूदगी में मुस्लिम समाज के लोगों ने शव को दफनाने पर सहमति जताई। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाई गई।
प्रशासन की तत्परता और समझाइश से गांव में तनाव की स्थिति टल गई और आपसी सौहार्द बना रहा।