लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
पादूकलां। कस्बे के पायस बूथ पर सोमवार को पशुपालकों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीणों को पायस डेयरी की सदस्यता प्रक्रिया, योजनाओं और दूध की गुणवत्ता को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता पायस डेयरी के एरिया मैनेजर गजानंद यादव ने की, जबकि सुपरवाइजर राकेश चौधरी और डेयरी ऑपरेटर दिनेश बेड़ा, सदस्य कैलाश राम गौदारा,ओमाराम जाखड़, घनश्याम सेन,रामस्वरूप माकड़, भीयाराम माकड़, सुखाराम भाटी,भनाराम कोत सहित डेयरी संचालक भंवरलाल गोरा,दीपक गोरा, ढगलाराम गोरा,पप्पूराम,सुरेंद्र सिंह, पुराराम गोरा आदि पशुपालक व ग्रामीण उपस्थित रहे।पारदर्शिता पर जोर अधिकारियों ने बताया कि पायस डेयरी किसानों व पशुपालकों से दूध खरीदते समय फेट (Fat) और एसएनएफ (SNF) के आधार पर दर तय करती है। जितनी अधिक दूध की फेट होगी, उतना ही किसान को उचित मूल्य प्राप्त होगा। डेयरी बूथ पर दूध की जाँच मशीनों से की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। पायस डेयरी समय पर भुगतान, बोनस और अन्य सुविधाएँ देकर पशुपालकों को राहत देती है।
उत्पादों की शुद्धता की जानकारी
ग्रामीणों को पायस डेयरी के उत्पादों जैसे दूध, दही, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों की शुद्धता व गुणवत्ता के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। साथ ही बताया गया कि समय पर बूथ पर दूध पहुँचाने से किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। एरिया मैनेजर गजानंद यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि पायस डेयरी का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को उनकी मेहनत का पूरा दाम दिलाना है। दूध की हर बूंद का सही मूल्य देने के साथ ही पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पशुपालक पायस डेयरी से जुड़कर स्थायी आय का लाभ उठाएँ।
किसानों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में उपस्थित पशुपालकों व किसानों ने सदस्यता लेने में गहरी रुचि दिखाई और कहा कि पायस डेयरी से जुड़ने से पशुपालन को स्थायी व मजबूत आय का साधन बनाया जा सकता है।











































