लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सरकार पर परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में पेपर लीक और भ्रष्टाचार का बोलबाला था, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर अयोग्यों को लाभ मिला।
चतुर्वेदी ने बताया कि एसओजी द्वारा हाल ही में उजागर प्रकरणों में कृषि पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक और महिला सुपरवाइजर की भर्तियों में ओएमआर शीट बदलकर धांधली की गई थी। 15 अगस्त 2019 को 61.50 लाख रुपये के साथ अभियुक्त पकड़े गए, लेकिन कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
भाजपा सरकार बनने के बाद यह मामला एसओजी को सौंपा गया और जांच तेज हुई, जिसके परिणामस्वरूप 428 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में 19 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, 133 प्रकरण दर्ज हुए, लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा सरकार के तहत अब तक 326 परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई हैं, जिनमें एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से स्पष्टीकरण मांगा कि पार्टी मुखिया और पूर्व शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने इन मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की।
इस अवसर पर भाजपा कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने भी कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, परिवारवाद और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, कैलाश मेघवाल और प्रदेश कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे।