लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
— ग्रामीण परीक्षा केंद्र हटाने के फैसले को बताया जनविरोधी
संवाददाता – नितिन मेहरा, अजमेर
अजमेर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से परीक्षा केंद्र हटाने के निर्णय को गरीब अभिभावकों और बालिकाओं के हितों पर कुठाराघात बताया है। उन्होंने इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर तीखा हमला बोला और कहा कि “अंता उपचुनाव में पार्टी द्वारा भाव न दिए जाने की खीज अभिभावकों और बच्चों पर न उतारें।”
“शिक्षा मंत्री अपनी व्यक्तिगत खीज ग्रामीण छात्रों पर न निकालें”
राठौड़ ने कहा कि बारां के अंता उपचुनाव में शिक्षा मंत्री दिलावर की अब तक सक्रियता नहीं दिखी है, जबकि वे वहीं के स्थानीय विधायक हैं। बताया जा रहा है कि वसुंधरा राजे की पसंद पर जोधपुर के मंत्री जोगाराम पटेल को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। इस पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि मंत्री अब अपनी नाराज़गी ग्रामीण परीक्षा केंद्रों को बंद कर निकाल रहे हैं।
“ग्रामीण बालिकाओं और गरीब परिवारों पर बढ़ेगा संकट”
राठौड़ ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्थापना कर गांवों में शिक्षा क्रांति लाई थी, जिससे नामांकन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। लेकिन बोर्ड का यह निर्णय उन उपलब्धियों पर पानी फेरने वाला है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में यातायात साधनों की कमी है, ऐसे में मजदूर तबके के परिवारों के लिए दूर के परीक्षा केंद्रों तक बच्चों को भेजना बेहद कठिन है। इससे बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधा पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
“कांग्रेस सड़कों पर उतरकर लड़ेगी अभिभावकों का हक”
राठौड़ ने मांग की कि बोर्ड का यह जनविरोधी निर्णय तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आदेश नहीं बदला, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर अभिभावकों और छात्रों के हितों की रक्षा करेगी।
