लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
हिन्दुस्तान जिंक और रीको ने उद्योगपतियों के साथ की हाई-लेवल बैठक
विश्व के पहले समर्पित मेटल इकोसिस्टम के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और निवेश अवसरों पर विस्तृत चर्चा
राजस्थान को मेटल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।
विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (RIICO) के साथ साझेदारी में जयपुर में हाई-लेवल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन वर्कशॉप आयोजित की।
वर्कशॉप का उद्देश्य था—राजस्थान में प्रस्तावित विश्व के पहले जिंक पार्क के लिए उद्योगों, निवेशकों, MSMEs और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ गहन संवाद स्थापित कर औद्योगिक ढांचे को अंतिम रूप देना।
क्या है जिंक पार्क का विज़न?
जिंक, लेड, सिल्वर और उनसे जुड़े वैल्यू-एडेड मेटल प्रोडक्ट्स पर आधारित यह पार्क एक समर्पित इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम होगा, जिसमें शामिल होंगे—
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मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
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इनोवेशन और R&D प्लेटफॉर्म
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वैल्यू एडिशन इंडस्ट्री
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रिन्यूएबल-एनर्जी इंटीग्रेशन
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मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क
यह पार्क राजस्थान को वैश्विक स्तर पर मेटल्स और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

उद्योगपतियों के साथ विस्तृत तकनीकी चर्चा
वर्कशॉप में RIICO और हिन्दुस्तान जिंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुत किया:
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प्रस्तावित इंडस्ट्रियल लेआउट
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बिजली–पानी व अन्य यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर
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रिन्यूएबल एनर्जी आधारित बिजली समाधान
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लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन लिंक
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उद्योगों को समर्थन देने वाली नीतियाँ और सुविधाएँ
निवेशकों को भी कच्चे माल की उपलब्धता, भूमि की आवश्यकता, यूटिलिटी जरूरतें, टेक्नोलॉजी सपोर्ट और नियामकीय प्रक्रिया से जुड़ा फीडबैक देने का अवसर मिला।
यह इनपुट RIICO को जिंक पार्क की योजना को निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप कस्टमाइज करने में मदद करेगा।
कहां बनेगा जिंक पार्क?
यह पार्क हिन्दुस्तान जिंक की विश्वस्तरीय माइनिंग और स्मेल्टिंग यूनिट्स—
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चंदेरिया
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दरीबा
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देबारी
के निकट स्थापित करने का प्रस्ताव है, ताकि—
✔ लगातार कच्चा माल उपलब्ध रहे
✔ वैल्यू चेन छोटी और कुशल बने
✔ कार्बन फुटप्रिंट कम हो
✔ लॉजिस्टिक्स कॉस्ट गिरे
नेतृत्व क्या कहता है?
रीको के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश तोमर ने कहा—
“राज्य में मौजूदा जिंक स्मेल्टर इकोसिस्टम के साथ तालमेल रखते हुए, जिंक पार्क को एक मेटल प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने पर विचार तेजी से आगे बढ़ रहा है।”
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा—
“जिंक पार्क सिर्फ एक औद्योगिक क्लस्टर नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा परिवर्तन धातुओं, महत्वपूर्ण मिनरल्स और क्लीन-एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने का दीर्घकालिक संकल्प है। यह पार्क भारतीय उद्योगों को इनोवेट, स्केल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
किन उद्योगों को होगा बड़ा लाभ?
जिंक पार्क से निम्न क्षेत्रों की ग्रोथ को गति मिलेगी—
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गैल्वनाइजिंग
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डाई-कास्टिंग
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एलॉय मैन्युफैक्चरिंग
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रिन्यूएबल एनर्जी हार्डवेयर
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ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स
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डिफेंस मटीरियल्स
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एडवांस्ड मटीरियल्स
रोजगार और MSME सेक्टर को बड़ा फायदा
पार्क के विकसित होने से—
✔ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन
✔ MSME की प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि
✔ घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित
✔ राजस्थान की वैश्विक औद्योगिक पहचान मजबूत
होने की उम्मीद है।



















































