- Advertisement -
झालाना डूंगरी के हाल बेहाल सड़के टूटी पड़ी लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर/मालवीय नगर। राजधानी जयपुर की झालाना डूंगरी बड़ी कोठी, दयानंद नगर फेस-1, फेस-2, फेस-3 और फेस-4 सहित दर्जनों कॉलोनियों में रहने वाले करीब 20 से 25 हजार लोग लंबे समय से बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
चिकित्सालय में डॉक्टर की मनमानी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजकीय प्राथमिक चिकित्सालय में नियुक्त डॉक्टर नियमित रूप से सेवाएं नहीं दे रहा।
डॉक्टर का समय सुबह 9 बजे तय है, लेकिन वह अक्सर 10 या 11 बजे आता है और थोड़ी देर में चला जाता है।
डिस्पेंसरी पर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के कारण लोगों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
पहले यहां दो डॉक्टर तैनात थे और तब भी भीड़ रहती थी, लेकिन अब हालत और खराब हो चुकी है।
कई बार स्थानीय विधायक और पार्षद को शिकायत की जा चुकी है, मगर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद खुद भी परेशान हैं क्योंकि जनता रोज शिकायत लेकर पहुंचती है।
सड़कें और पाइपलाइन बनी मुसीबत
इलाके की अधिकांश गलियां भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई हैं।
कहीं पाइपलाइन डालने के लिए सड़कें खुदी पड़ी हैं, तो कहीं केबल डालकर छोड़ दिया गया है।
ठेकेदार पाइपलाइन डालकर चले गए लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं की।
इसके चलते लोगों को अपने ही घरों तक आने-जाने में मुश्किल हो रही है।
पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं, बच्चों के गिरने का डर हमेशा बना रहता है।
कच्ची बस्ती जैसा माहौल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कॉलोनियां जेडीए अप्रूव्ड और विस्थापित कॉलोनियां हैं, लेकिन हालत कच्ची बस्ती जैसी है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो चिकित्सालय की व्यवस्था सुधरी और न ही सड़कें।
जनता का सवाल है कि जब मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, तो आखिर शिकायत किससे और कहां करें।
- Advertisement -



















































