लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर | जैसलमेर जिले में एक वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ कथित प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे द्वारा जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहा धरना आज सातवें दिन भी जारी रहा। धरने में पत्रकारों ने प्रशासनिक निरंकुशता के विरोध में एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
पत्रकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन शुरू से ही सरकार से सकारात्मक वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है, जिससे पत्रकारों में आक्रोश बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जैसलमेर में एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ पत्रकारों और आमजन में नाराजगी है, फिर भी सरकार ने संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति दी है, जो सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल खड़े करता है।
राठौड़ ने यह भी कहा कि वर्ष 2004 से संचालित एक रेस्टोरेंट को कथित रूप से नियम विरुद्ध तरीके से सीज कर ध्वस्त किया गया, जिससे करीब एक करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। इसे उन्होंने पत्रकार की आजीविका पर हमला बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि खबरें प्रकाशित करने के बाद बदले की भावना से यह कार्रवाई की गई, जिससे पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश है। इसी मांग को लेकर 29 मार्च से जयपुर में धरना जारी है।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर संगठन 5 और 6 अप्रैल को दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रदेशाध्यक्षों की बैठक में मामला उठाएगा और प्रधानमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया जाएगा।
धरना आयोजन की जिम्मेदारी तय कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न जिलों को सौंपी जा रही है। इसी क्रम में सातवें और आठवें दिन की जिम्मेदारी सिरोही जिले को दी गई है, जिसका नेतृत्व जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत कर रहे हैं।
धरना स्थल पर आज लगभग दो दर्जन पत्रकार मौजूद रहे और आंदोलन को जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।






















































