लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर , सुसाइड नोट में पुलिस पर हत्या का आरोप
“मैं मरा नहीं हूं, मुझे मारा गया है” – मौत से पहले लिखे शब्दों ने हिला दिया जयपुर
जयपुर। राजधानी जयपुर में बुधवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने न सिर्फ पुलिस तंत्र बल्कि पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महेशनगर इलाके में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक सस्पेंड चल रहे लेक्चरर ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम मनोहर भादू था। मृतक ने सुसाइड नोट में सीधे-सीधे पुलिस और एसओजी के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है— “मैंने आत्महत्या नहीं की, मेरी इरादतन हत्या की गई है।”
यह घटना केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि उस मानसिक और सामाजिक दबाव की कहानी है, जिसने एक पढ़े-लिखे, जिम्मेदार और परिवार के सहारे को मौत की पटरी तक पहुंचा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लेक्चरर का शव करीब तीन घंटे तक रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा। इस दौरान ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं, लेकिन किसी ने शव को हटाने की हिम्मत नहीं जुटाई। बाद में एक व्यक्ति ने साहस दिखाते हुए शव को ट्रैक से अलग किया, ताकि अन्य ट्रेनें प्रभावित न हों। घटना की सूचना मिलते ही महेशनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया।










































