लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
जयपुर में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन
जयपुर। हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर डॉ. अंबेडकर अधिवक्ता संस्था, राजस्थान की ओर से बुधवार को जयपुर में जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान संस्था के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट हितेश राही और महासचिव एडवोकेट राजेश वर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक अधिकारी की मौत का नहीं, बल्कि जातिगत उत्पीड़न और न्यायिक निष्क्रियता का प्रतीक बन चुका है।
प्रदेश अध्यक्ष राही ने कहा कि — “जब देश में उच्च पदों पर बैठे अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है। यह घटना व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।”
उन्होंने बताया कि संस्था ने इससे पहले सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना को लेकर भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा था, और अब वे आईपीएस वाई. पूरण कुमार की जातिगत प्रताड़ना से प्रेरित आत्महत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ज्ञापन में केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया गया कि इस प्रकरण में हरियाणा के डीजीपी सहित दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा दी जाए।
सूत्रों के अनुसार, पिछले पांच दिनों से आईपीएस अधिकारी के परिजन धरने पर बैठे हैं और अब तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। बावजूद इसके, सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस स्थिति पर अधिवक्ताओं ने गहरी नाराजगी जताई और कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।











































