लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
इंटेक का स्नेह मिलन आयोजित, विरासत संरक्षण में योगदान देने वाले शिक्षकों का हुआ सम्मान
भीलवाड़ा | पंकज पोरवाल
इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) भीलवाड़ा चैप्टर द्वारा विरासत और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए जिला न्यायाधीश राजेश जैन ने कहा कि —
“प्रकृति और विरासत का संरक्षण केवल किसी संस्था की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।”
वे रविवार को होटल नंदिनी में आयोजित इंटेक स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
जैन ने कहा कि इंटेक जैसे संगठन समाज को सांस्कृतिक जागरूकता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से विरासत स्थलों, स्मारकों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
️ शिक्षकों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में इंटेक द्वारा विरासत एवं पुरातत्व संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु आयोजित विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं में सहयोग करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कन्वीनर बाबूलाल जाजू ने बताया कि विरासत शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विरेंद्र शर्मा, अल्पा सिंह, ऋतु दाधीच, रुचि रस्तोग, प्रीति जैन, विजय शर्मा, चंदना मेहता, भाग्यश्री जैन और श्यामलाल खटीक को प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
विद्यालय प्रतियोगिता प्रभारी गुमानसिंह पीपाड़ा ने इंटेक के उद्देश्यों और चल रहे संरक्षण अभियानों की जानकारी दी।
सामूहिक संकल्प : विरासत बचाओ, प्रकृति अपनाओ
कार्यक्रम संयोजक सीए दिलीप गोयल ने बताया कि समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि राजेश जैन और अधिवक्ता मुकेश जैन के सम्मान से हुई।
इस अवसर पर ओ.पी. हिंगड़, रतनलाल दरगड़, अब्बास अली बोहरा, मुकेश अजमेरा, दिनेश अरोड़ा, संदीप पोरवाल, अनुग्रह लोहिया, ओमप्रकाश सोनी, रामगोपाल अग्रवाल, सुरेश सुराना, हरकलाल बिश्नोई, राजीव दाधीच और बिलेश्वर डाड़ सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में सभी सदस्यों ने मिलकर संकल्प लिया कि —
“प्रकृति और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा हेतु जनजागरूकता अभियान को और मजबूत किया जाएगा तथा युवा पीढ़ी को संरक्षण की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।”
















































