इंदौर ईवी कार में आग से परिवार के 8 लोगों की मौत

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 इंदौर ईवी कार में आग से एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जले, अब तक देशभर में 23865 सड़क हादसे

बिहार के रहने वाले  थे मनोज पुगलिया

डिजिटल लॅाक लगने से घर से नहीं निकल सके मृतक
घर में कैमिकल और 10 सिलेंडरों से हुआ हादसा

इंदौर।  इंदौर में एक ईवी कार में लगी आग से एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा जल गए और 4 लोग गंभीर रुप से झुलस गए।  इंदौर में इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान सवेरे साढ़े चार बजे शार्ट सर्किट से लगी आग से तीन मंजिला घर को अपनी चपेट में ले लिया और हादसे रबर कारोबारी मनोज पुगलिया उनकी गर्भवती बहु सिमरन सहित 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। 4 लोग बड़ी मुश्किल से बच पाए। मृतकों में सब पुगलिया के रिश्तेदार थे जो अपना इलाज कराने बिहार के किशनगंज से इंदौर आए थे।

ये हादसा इंदौर के बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॅालोनी की है। अब तक देशभर में ईवी से 23865 सड़क हादसे हो चुके हैं…लेकिन अभी भी लोगों में ईवी का क्रेज कम नहीं हुआ है…..      मरने वालों में पुगलिया की गर्भवती बहु भी
इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का कारोबार करते थे। घर में कुछ ऐसे केमिकल भी रखे थे जो ज्वलनशील हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग पॉइंट में विस्फोट से आग लगी, जो कार से होते हुए घर तक फैल गई। घर में 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल भी रखे थे, जिससे आग और भयावह हो गई और आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जांच में यह भी सामने आया है कि घर में डिजीटल इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे थे। आग के दौरान बिजली सप्लाई बंद होने से ये लॉक खुल नहीं पाए, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। बचाव दल को दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। तब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी थी । मृतकों में सब मनोज पुगलिया के रिश्तेदार ही है। 4 लोग सुरक्षित बाहर निकल सके। परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल है।

अब सबसे पहले बात करते हैं ईवी की मांग क्यों बढ़ रही है।
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत और प्रदूषण की चिंता ने लोगों का ध्यान इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल की तरफ खींचा और इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल दोपहिया से लेकर कार, बस , ईरिक्शा तक हर सेगमेंट में बाजार में उपलब्ध है और आम लोगों की पसंद भी बन रही है लेकिन इसी के साथ ईवी से जुड़े सड़क हादसे और आग लगने के मामलों में रिकॉर्ड भी बना लिया है । देश भर में 2022 से लेकर अब तक इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल से अब तक 23865 सड़क हादसे हो चुके है। जिनमें कई मौते भी हुई है। इन हादसों में मौतों और घायलों का डाटा अधिकृत रूप से दर्ज है। इनमें बड़ी संख्या में मौतों और घायल लोग भी शामिल । यह आंकड़ा बताता है कि ईवी आम हो चुकी है। इसीलिए उनकी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए जितना पेट्रोल डीजल वाहन पर दिया जाता है।

अब बात करते है ईवी से सबसे पहला हादसा कब हुआ था

. तो ईवी से सबसे पहला हादसा वर्ष 2022 में तमिलनाडू में हुआ जहां मार्च के महीने में ईवी स्कूटर में चार्जिंग के दौरान आग लगने से दम घुटने से पिता – पुत्री की मौत हो गई। बताया जाता है कि आग का धुंआ कमरे में भर गया जिससे दोनों का दम घुट गया और मौके पर ही मौत हो गई। भारत में 2022 के बाद से ईवी से अब तक 23865 सड़क हादसे हो चुके हैं

2022 में सबसे पहले तमिलनाडू में पिता – पुत्री की हुई थी मौत
विशेषज्ञों के अनुसार आखिरकार EV में आग क्यों लगती है और सरकार के नियम कायदे क्या है। ईवी में आग की बड़ी वजह बैटरी में थर्मल रनवे प्रक्रिया है जो शुरू होने पर लगातार फैलती जाती है ,केंद्र सरकार ने ईवी सुरक्षा के लिए नए मानक का टेस्टिंग नियम लागू किए हैं , गलत चार्जर, खराब सॉकेट और लोकल बैटरी ईवी को जानलेवा बना सकते हैं। इसलिए ईवी की कार या अन्य वाहन इस्तेमाल करने से पूर्व ये सावधानियां बरत सकते है।

ईवी के उपयोग से पूर्व सावधानी जरुरी
हमेशा कम्पनी के ओरिजनल या अधिकृत चार्जर और केबल ही इस्तेमाल करें, गलत या सस्ता चार्जर ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट का बड़ा कारण बनता है। जिस सॉकेट से चार्ज करें उसकी जांच जरूर कराए
बैट्री को बार बार 0%तक खाली और 100%tak फूल चार्ज करने की आदत से बचे….. ,खासकर गर्मी के मौसम में ज्यादा ईवी की चार्जिंग से बचे।
बंद कमरे,स्टोर रूम,या गैस सिलेंडर, किचन के पास ईवी को चार्ज न करें। हवादार इलाके में करें तेज धूप में या बहुत गर्मी में या टीन शेड के नीचे लंबे समय तक गाड़ी खड़ी न करें
समय पर सर्विस कराए जिससे हादसे से बचा जा सकता है। पी के टाइम्स में आज के लिए इतना ही कल फिर हाजिर होंगे किसी नए मुद्दे के साथ तब तक के लिए नमस्कार

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