लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सरपंच गांव की आवाज, ग्राम पंचायत शासन की पहली सीढ़ी : मुख्यमंत्री
‘सबका साथ–सबका विकास’ की भावना से गांवों को सशक्त कर रही है राज्य सरकार
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच गांव की आवाज और ग्राम पंचायत शासन की पहली सीढ़ी है। जब पंचायतें सशक्त होंगी तभी प्रदेश मजबूत बनेगा, क्योंकि विकास का रास्ता गांवों से होकर ही गुजरता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र ‘सबका साथ–सबका विकास’ को साकार करते हुए राज्य सरकार गांवों के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के सातों संभागों की ग्राम पंचायतों के प्रशासकों (निवर्तमान सरपंचों) के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सरपंच पद नहीं, सेवा और संकल्प का माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच कोई पद नहीं, बल्कि सेवा और संकल्प का माध्यम है। गांव का प्रत्येक नागरिक अपनी समस्या और उम्मीद लेकर सबसे पहले सरपंच के पास ही आता है।
किसान सम्मान निधि, पेंशन, एमएसपी, पेयजल, बिजली, आवास, शौचालय, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी जरूरतों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति से सरपंच सबसे बेहतर रूप से अवगत होता है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ जमीन पर किस स्तर तक पहुंच रहा है, इस संबंध में सरपंचों का फीडबैक अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ग्राम पंचायतों को सुदृढ़ बना रही राज्य सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह पंचायतीराज व्यवस्था स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायतों को सशक्त बना रही है।
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ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण एवं नवीनीकरण किया जा रहा है
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प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे
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नवगठित 8 जिलों में नई जिला परिषदों का गठन
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85 नई पंचायत समितियां एवं 3,417 नई ग्राम पंचायतों का नवसृजन
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी सरपंचों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया, ताकि उनके अनुभव का अधिकतम लाभ गांवों को मिल सके।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में सुधार कर लागू किए गए ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ को ग्रामीण विकास का नया रोडमैप बताया।
हर वर्ग के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है।
उन्होंने बताया कि—
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पेपर लीक से मुक्त, पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू की गई
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एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं
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1.44 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
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महिलाओं के लिए लाड़ो प्रोत्साहन योजना के तहत ₹1.5 लाख की सहायता
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किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि
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पशुपालकों के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना
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दूध पर ₹5 प्रति लीटर अनुदान
योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने निवर्तमान सरपंचों से अपील की कि वे केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएं और यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासकों ने विकास कार्यों एवं आगामी बजट से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर मुख्यमंत्री ने नियमानुसार उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर विधायक शत्रुघ्न गौतम, राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के प्रशासक (निवर्तमान सरपंच) उपस्थित रहे।