लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
गौ माता की पूजा-अर्चना में उमड़ा आस्था का सैलाब
पादूकलां।
कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को गोपाष्टमी पर्व बड़ी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही गांव-गांव में धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं और गौभक्तों ने गौ माता की विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
गौभक्तों ने प्रातःकाल से ही घरों और गौशालाओं में गौ माता का पूजन, गौ कथा और परिक्रमा की। ग्रामीणों ने लापसी बनाकर गौ माता को अर्पित की, वहीं महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूजा की थालियां सजाईं और मंगल गीत गाती हुई गौशाला पहुंचीं। गौशाला परिसर में दिनभर भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
महिलाओं ने की गौ पूजन और परिक्रमा
गौशालाओं में महिलाओं ने पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की, गौ कथा सुनी और गौ माता की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने गुड़ और हरा चारा खिलाकर गोसेवा का संकल्प लिया।
देर शाम गौशाला परिसर में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
धार्मिक मान्यता और परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण और
बलराम ने पहली बार गौचारण लीला की थी।
महर्षि शांडिल्य की आज्ञा से उन्होंने गौ पूजन किया था। कहा जाता है कि गाय के प्रत्येक अंग में तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए गौ पूजन से सभी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
गौशालाओं में भक्ति का माहौल
कस्बे की गौगाजी गौशाला में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
गौशाला अध्यक्ष जितेन्द्र सोनी ने कहा कि “हर व्यक्ति को अपने घर में एक गाय अवश्य रखनी चाहिए और उसकी सेवा करनी चाहिए। गोपाष्टमी पर्व पर हमें गोसेवा और गोसंवर्धन का संकल्प लेना चाहिए, तभी गो-रक्षा की दिशा में सार्थक पहल होगी।”
प्रवासी बंधुओं और दानदाताओं की ओर से गायों के लिए लापसी, गुड़ और हरे चारे का वितरण किया गया। भक्तों ने गायों की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और गोसेवा का संकल्प लिया।
गांव-गांव में मनाया गया पर्व
गोपाष्टमी पर्व पर कस्बे सहित आसपास के गांवों की गौशालाओं में विशेष पूजा-अर्चना, गौकथा और आरती के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
दिनभर गौभक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा, वहीं श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे क्षेत्र में गौमाता के जयकारे गूंजते रहे।