लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में अशोक गहलोत एक बार फिर आक्रामक रुख में नजर आए हैं। उन्होंने पचपदरा रिफाइनरी को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे “इंतजारशास्त्र का मेगा चैप्टर” बताया।
गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि रिफाइनरी परियोजना के नाम पर जनता के साथ अन्याय हुआ है। उनका दावा है कि इस परियोजना की लागत, जो पहले करीब 37,229 करोड़ रुपये थी, अब बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिससे सीधे तौर पर जनता की जेब पर बोझ पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने केवल राजनीतिक क्रेडिट लेने के लिए करीब सवा सात साल तक इस प्रोजेक्ट में जानबूझकर देरी की। गहलोत के अनुसार, उनकी सरकार ने कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इस प्रोजेक्ट का लगभग 80% काम पूरा कर लिया था।
गहलोत ने यह भी कहा कि बीजेपी की राजनीति ने न सिर्फ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, बल्कि युवाओं के रोजगार की उम्मीदों को भी झटका दिया है। उनके तीखे सवालों के बाद अक्सर बीजेपी के कई नेता एक साथ जवाब देने के लिए सामने आते हैं, जिससे यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
अब यह मामला सिर्फ एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजस्थान में विकास बनाम राजनीति की बड़ी बहस का हिस्सा बन चुका है।



















































