लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
झालावाड़, गंगधार ।
भाद्रपद कृष्ण अमावस्या के अवसर पर गंगधार के गढ़ मोहल्ला स्थित श्री माता महालक्ष्मी नृसिंह मंदिर परिसर में पारंपरिक कुश पूजन एवं कुश ग्रहण (उखाड़ने का आयोजन) किया गया।
धार्मिक महत्व
पुजारी मथुरेश शर्मा ने बताया कि वर्ष में केवल एक बार, भाद्रपद कृष्ण अमावस्या के दिन, विधिवत रूप से कुशा का पूजन किया जाता है। इसके बाद प्रार्थना कर वर्षभर के लिए कुश का संग्रहण किया जाता है।
यह कुशा धार्मिक अनुष्ठान, व्रत-उद्यापन, देव-ऋषि तर्पण, पितृ तर्पण तथा चन्द्र-सूर्य ग्रहण जैसे पवित्र अवसरों पर उपयोग में लाई जाती है।
पंडित दशरथ नंदन के अनुसार सनातन धर्म में मान्यता है कि इस अमावस्या को पूजित कुश घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और धार्मिक कार्यों की पवित्रता बनाए रखती है।
उपस्थित श्रद्धालु
इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
सुरेश चन्द्र शर्मा, दशरथनंदन पांडे, पं. मथुरेश शर्मा, राजेश शर्मा, मुरली मनोहर पांडे, कौशल शर्मा ,अथर्व शर्मा
आगामी आयोजन
कुशोत्पाटनी अमावस्या के अंतर्गत कल प्रातःकाल श्री माता महालक्ष्मी नृसिंह मंदिर परिसर में कुश पूजन एवं कुश ग्रहण कर्म संपादित किया जाएगा।











































