लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गणतंत्र दिवस 2026:
जयपुर । गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय परेड में राजस्थान की भव्य झांकी प्रदर्शित की जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में तैयार इस झांकी में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। इस वर्ष की झांकी की थीम है ‘राजस्थान – मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श’, जिसके माध्यम से देशभर के लोग राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, अद्वितीय शिल्पकला और गौरवशाली विरासत का साक्षी बनेंगे।
बीकानेर की उस्ता कला का जलवा
झांकी का मुख्य आकर्षण बीकानेर की विश्वविख्यात उस्ता कला है। सोने की बारीक नक्काशी और पारंपरिक शिल्प से सजी सुराही और कुप्पी की भव्य प्रस्तुति दर्शकों को राजस्थान की हस्तकला परंपरा और शिल्पकारों की सृजनशीलता से रूबरू कराएगी।

रावणहत्था वादन की 180 डिग्री घूमती प्रतिमा
झांकी में रावणहत्था वाद्ययंत्र बजाते कलाकार की 180 डिग्री घूमती प्रतिमा को विशेष रूप से शामिल किया गया है। यह अनूठा नवाचार राजस्थान के लोकसंगीत की गहराई और सांस्कृतिक जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा।
पारंपरिक कलाकृतियां, लोक संगीत और नृत्य का समावेश
झांकी में मरुधरा की पहचान के प्रतीक ऊंट की प्रतिमा, पारंपरिक कलाकृतियां, लोक संगीत और लोक नृत्य भी शामिल हैं। यह समग्र प्रस्तुति राजस्थान की विविधता, सांस्कृतिक गौरव और परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी रूप से प्रदर्शित करेगी।
राजस्थान की यह झांकी देश-दुनिया के समक्ष प्रदेश की कला, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प कौशल का गौरवपूर्ण परिचय देगी।
















































