एनआरसीसी द्वारा प्रतापगढ़-पटेलिया गांव में आयोजित पशु स्‍वास्‍थ्‍य शिविर

0
266
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

शिविर के दौरान 100 से अधिक पशुपालक परिवार हुए लाभान्वित
विजय कपूर की रिपोर्ट
बीकानेर  । भाकृअनुप-राष्‍ट्रीय उष्‍ट्र अनुसंधान केन्‍द्र, बीकानेर द्वारा जनजातीय उप योजना के तहत प्रतापगढ़ जिले के गांव पटेलिया में आज पशु स्‍वास्‍थ्‍य शिविर एवं कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया । एनआरसीसी बीकानेर द्वारा इंडियन फार्म फोरेस्‍ट्री डवलपमेंट को-आपरेटिव लि, प्रतापगढ़ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 100 से अधिक पशुपालक परिवारों ने सहभागिता निभाई। इस दौरान विभिन्न पशुओं यथा- गाय 238, भैंस 117, ऊँट, 03, बकरी 216, मुर्गी 38 सहित कुल 612 पशुओं के गर्भ एवं प्रजनन, एवं विभिन्‍न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रसित पशुओं की जांच एवं इलाज संबंधित जानकारी दी । संवाद कार्यक्रम में पशुपालकों ने पशु स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं को वैज्ञानिकों एवं पशु चिकित्सों के समक्ष रखा जिनका उचित समाधान एवं निराकरण संबंधी जानकारी दी गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एनआरसीसी के निदेशक डॉ. एस.के.घोरुई ने पशु पालन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जनजाति क्षेत्र में इससे होने वाले आर्थिक भागीदारी के साथ मूल्‍य संवर्धन पर चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि केन्द्र द्वारा जन जातीय उपयोजना के तहत पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देने हेतु पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य सेवाएं एवं संगोष्ठी आदि के माध्यम से संबंधित जानकारी सतत रूप से प्रदान की जाती है ताकि इनमें प्रदत्त सुविधाओं एवं आयोजित संगोष्ठी में प्राप्त जानकारी से अपने पशुओं से यथोचित उत्पादन प्राप्त कर तथा अपनी आजीविका में अपेक्षित सुधार लाभ ला सकें । केन्‍द्र निदेशक ने ऊँटनी के दूध के औषधीय महत्‍व पर भी प्रकाश डाला ।केन्‍द्र के टीएसपी योजना के नोडल अधिकारी डॉ. श्याम सुन्दर चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पशुओं की स्‍वास्‍थ्‍य जांच के अलावा सहभागी पशुपालकों के समाजार्थिक विकास हेतु उन्‍हें खेतों में विविध उपयोग हेतु तिरपाल, किटनाशक छिड़काव हेतु बैटरी चालित स्‍प्रे मशीन, चारा, दाना, खनिज मिश्रण व पशु दवा आदि की सुविधाएं प्रदान की गई । डॉ.चौधरी ने बताया कि पशुपालकों के समक्ष थनैला जांच, स्‍वच्‍छ दूध उत्‍पादन आदि का तकनीकी प्रदर्शन किया गया तथा साथ ही किसानों को कृषि से संबंधित नवीन तकनीकी, पशु उत्‍पादों एवं मूल्‍य संवर्धन आदि के बारे में जानकारी दी गई ।

देवन्द्र कुमार कर्दम़, परियोजना प्रबंधक द्वारा इंडीयन फार्म फोरेस्ट्री को आपरेटिव लि. की कार्यप्रणाली प्रतापगढ क्षेत्र में संचालित परियोजनाओं व रबी, खरीफ बीज व सब्जी के उपयोग पर चर्चा की । संतोष चौधरी वरि.अधिकारी (परियोजना) आई.एफ.डी.सी.द्वारा उपस्थित सदस्यों को नारी विकास हेतु सर्वप्रथम परिवार के अंदर आत्म जागरूकता हेतु प्रोत्साहित किया। चौधरी द्वारा कार्यक्रम का संचालन भी किया गया । वहीं  योगेश कनोजिया द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र प्रतापगढ द्वारा किसानों के लिए उपलब्ध सुविधओं प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अनुसंधान एवं नवीन तकनिकों से अवगत करवाया । निलेश द्वारा मिट्टी की जाँच नैनो उर्वरकों के उपयोग आदि पर चर्चा की।इस महतवपूर्ण गतिविधि में केन्‍द्र के वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी अखिल ठुकराल, वरिष्‍ठ तकनीकी अधिकारी मनजीत सिंह, सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजेश चौधरी,  अमित व मीतपाल ने पशुओं के पंजीयन, दवा व आहार वितरण, टीकाकरण आदि विभिन्न कार्यों में सहयोग प्रदान किया ।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here