लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर।
भरतपुर में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। कुम्हेर गेट स्थित ईदगाह में 10 हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
सुबह से ही ईदगाह में मुस्लिम समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और आपसी प्रेम व सौहार्द का संदेश दिया।
इस अवसर पर डॉ. सुभाष गर्ग (भरतपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री) भी ईदगाह पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दीं।
मोहब्बत और भाईचारे का संदेश
जामा मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती आबिद शाही ने ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह त्योहार मोहब्बत, भाईचारे और एकता का प्रतीक है। उन्होंने सभी देशवासियों से प्रेम और सद्भाव के साथ रहने की अपील करते हुए कहा कि भारत की पहचान विविधता में एकता और आपसी भाईचारे से है, जिसे बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सद्भाव और एकता पर जोर
डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि ईद-उल-फितर और गणगौर जैसे पर्व आपसी प्रेम, आस्था और सद्भाव के प्रतीक हैं। उन्होंने प्रदेश और देश की तरक्की के लिए सामाजिक एकता और भाईचारे को आवश्यक बताते हुए सभी से मिलजुलकर रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा नहीं होगा, तब तक किसी भी देश या प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है। त्योहार हमें एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने और प्रेम बांटने की प्रेरणा देते हैं।
ईद-उल-फितर के अवसर पर भरतपुर में देखने को मिला भाईचारा और सौहार्द समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है, जो सामाजिक एकता को मजबूत करता है।