डग उप जिला चिकित्सालय में, मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डग, झालावाड़ | विशेष रिपोर्ट (सुनील  निगम )
डग उप जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। जिस अस्पताल से क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलनी चाहिए, वहीं मरीज अब इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। हालात इतने बदतर हैं कि आईवी सेट और केनुला जैसी बुनियादी मेडिकल सामग्री तक उपलब्ध नहीं है।
आईवी सेट और केनुला की भारी किल्लत
अस्पताल में बीते तीन–चार दिनों से आईवी सेट और केनुला की भारी किल्लत बनी हुई है। नजारा यह है कि कई मरीज बोतल हाथ में लिए अस्पताल के गलियारों में आईवी सेट के इंतजार में इधर-उधर भटकते दिखाई दे रहे हैं। कहीं उपचार शुरू होने से पहले ही मरीज थक हारकर बैठ जाते हैं, तो कहीं दर्द से कराहते मरीज सिर्फ इसलिए इंतजार कर रहे हैं क्योंकि केनुला नहीं मिल रहा।

दवा के लिए  मरीज  परेशान

राज्य सरकार भले ही 25 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का दावा कर रही हो, लेकिन जब मरीजों को आईवी सेट और दवाइयों के लिए ही भटकना पड़े, तो इन दावों की हकीकत खुद-ब-खुद सामने आ जाती है।
गर्भवती महिलाओं और स्टाफ दोनों को गंभीर परेशानी 
सबसे चिंताजनक स्थिति डिलीवरी वार्ड की है। यहां पिछले करीब तीन दिनों से आईवी सेट नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं और स्टाफ दोनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डिलीवरी वार्ड में तैनात एनएम ने साफ कहा कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि सप्लाई में लगातार आ रही दिक्कतों के कारण आए दिन ऐसे हालात बनते हैं।
करीब आधा दर्जन मरीजों ने बताया कि अस्पताल में जरूरी मेडिकल सामग्री उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
जब इस पूरे मामले पर अस्पताल इंचार्ज विकास जैन से सवाल किए गए तो उन्होंने स्वीकार किया कि बाजार से लगभग 5000 आईवी सेट खरीदकर किसी तरह व्यवस्था संभालने की कोशिश की गई है। उन्होंने यह भी माना कि नियमित सप्लाई नहीं आने के कारण यह समस्या बार-बार खड़ी हो रही है।
स्थानीय लोगों और मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में आवश्यक मेडिकल सामग्री की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उप जिला चिकित्सालय जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में इस तरह की अव्यवस्थाएं न केवल मरीजों के जीवन से खिलवाड़ हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
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