लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भरतपुर (राजेन्द्र शर्मा जती)।
भरतपुर में सेवानिवृत सर्जन डॉ. डीडी गोयल द्वारा रचित पुस्तक ‘दाक्षायणी से दक्षिणा मूर्ति प्रिया’ का विमोचन एक समारोह में किया गया। विमोचन सिद्ध पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी कौशल किशोर महाराज एवं चैतन्य संप्रदायाचार्य आलोक कृष्ण गोस्वामी ने संयुक्त रूप से किया।
वक्ताओं ने रखे विचार
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सती मोह कथा का प्रसंग आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। आज परिवारों में बढ़ रही कलह और हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन का आधार विश्वास और समर्पण है। पति-पत्नी के बीच कपट और अविश्वास गृहस्थ जीवन को बिखेर देता है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली लंपटता से भरी सामग्री की आलोचना करते हुए कहा कि समाज को इनका बहिष्कार करना चाहिए।
पुस्तक की विशेषताएँ
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डॉ. कौशल किशोर ने कहा कि सती जी ने अपने पिता द्वारा पति का अपमान सहन न कर पाने पर यज्ञ कुंड में स्वयं को भस्म कर लिया, जो उनके गहन प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
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इस पुस्तक में सती-शिव-पार्वती के अलौकिक प्रेम और समर्पण कथा को सरस और प्रेरणादायी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
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आलोक कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि जीवन का आधार भाव है। ब्रज में भगवान के प्रति भाव प्रधान है, और सभी को कृष्ण जी की आराधना गोपी भाव से करनी चाहिए।

लेखक का परिचय
लेखक डॉ. डीडी गोयल ने ‘दाक्षायणी से दक्षिणा मूर्ति प्रिया’ शीर्षक की व्याख्या की और पुस्तक का परिचय दिया।
मुख्य अतिथि और आयोजन
पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. सुभाष गर्ग ने ऐसे आयोजनों की महत्ता पर बल दिया। शिक्षाविद् वासुदेव गुप्ता ने कहा कि एक चिकित्सक द्वारा साहित्य लेखन शुभ संकेत है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक गुप्ता, प्रो. लालाशंकर गयावाल और विनोद सिंघल ने किया। आभार सेवानिवृत प्राचार्य डॉ. मिथलेष अग्रवाल ने जताया। कार्यक्रम का समापन भगवान श्रीराम की आरती के साथ हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
समारोह में समाजसेवी मोहन मित्तल, अग्रवाल महासभा जिलाध्यक्ष सीए अतुल मित्तल, भाजपा नेता गिरधारी गुप्ता, देवेंद्र चामड़, सीए एमएल मित्तल, विष्णु लोहिया, ब्रजेश कौशिक, डॉ. उमेश मुदगल, उद्योगपति कृष्ण कुमार अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।










































