लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
मां लक्ष्मी की कृपा के लिए किया दीपदान, पादूकलां में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पादूकलां। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार रात कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देव दिवाली का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में रंग–बिरंगी रोशनी, घर–घर सजे दीपों की पंक्तियाँ और भक्तों की आस्था से पूरा क्षेत्र दिव्य आलोक से नहा उठा।
श्री श्याम मंदिर सहित कस्बे के सभी मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया। श्री श्याम मंदिर में भव्य श्रृंगार और आरती के दौरान श्याम प्रेमियों व श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर भगवान से देश–प्रदेश की सुख–समृद्धि की कामना की।
हर घर में जले दीप, देवी–देवताओं का हुआ स्मरण
श्रद्धालुओं ने अपने घरों में मिट्टी के दीप जलाकर देवी–देवताओं का स्मरण किया और दीपदान किया। देव दिवाली को लेकर मान्यता है कि इस दिन देवी–देवता स्वयं धरती पर उतरते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।
इन दिशाओं में जलाएं दीपक, मिलता है विशेष फल
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, देव दिवाली की रात उत्तर दिशा में दीप जलाना अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि यह देवताओं की दिशा है और इससे आर्थिक संकट दूर होते हैं।
वहीं घर की पश्चिम दिशा में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जबकि दक्षिण दिशा में दीपक जलाना वर्जित माना गया है, क्योंकि यह यमराज की दिशा है।
घर के मुख्य द्वार पर दीप जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख–समृद्धि का संचार होता है।
देव दीपावली दीपोत्सव में सैकड़ों दीपक जले
कस्बे में जगह–जगह देव दीपावली दीपोत्सव आयोजित हुआ, जहां भक्तों ने सैकड़ों दीप जलाए। मंदिरों और घरों में दीपमालाओं की छटा देखते ही बनती थी।
श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम की चौखट पर धोक लगाकर देश–प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
देव दिवाली की रात पादूकलां पूरी तरह से आस्था, भक्ति और दीपों की जगमगाहट से आलोकित रहा, मानो धरती पर देवताओं का साक्षात आगमन हुआ हो।









































