“कोचिंग संस्थाएं और परीक्षा प्रणाली दोनों ही गलत दिशा में जा रही हैं”चौधरी

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कोचिंग सेंटर नियंत्रण विधेयक पर सदन में बोले विधायक हरीश चौधरी

“यह केवल बिल नहीं, राजस्थान का भविष्य है, सरकार पैसों वालों के साथ, युवाओं के साथ धोखा- चौधरी

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

जयपुर। राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनियमन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने सदन में कहा कि “कोचिंग सेंटर्स को बचाने के लिए पूरा तंत्र लगा हुआ है। जो बिल सरकार लेकर आई है, उससे कोचिंग सेंटर्स का संरक्षण होगा। सरकारी शिक्षक को आज आवश्यकता संरक्षण की। आज विज्ञापन की चकाचौंध के माध्यम से योग्यता खो रही है। हमारे युवाओं के अंदर की योग्यता दम तोड़ रही है। केवल युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाना उचित नहीं है। सरकार जो बिल लेकर आई है, उससे राजस्थान को न्याय नहीं मिल रहा है। आज राजस्थान को बचाने की आवश्यकता है। जब इतिहास लिखा जाएगा तो हम सभी राजस्थान की बर्बादी के भागीदार होंगे, क्योंकि सरकार का ये बिल पैसों वालों का है।”

चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ एक बिल या कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान का भविष्य है, इसे गंभीरता से समझना होगा तभी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दो तरह की कोचिंग चल रही है। पहली – स्कूली शिक्षा से जुड़ी कोचिंग (कक्षा 9 से 12वीं तक), जिसके माध्यम से देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश लिया जाता है, जिसमें कोटा एक बड़ा केंद्र है। दूसरी, सरकारी नौकरियों की परीक्षा प्रणाली के लिए बनने वाली कोचिंग।

कोचिंग संस्थाएं और परीक्षा प्रणाली दोनों ही गलत दिशा में जा रही हैं”

चौधरी ने कहा कि इन संस्थानों में परीक्षा पेपर स्कूली शिक्षा के सिलेबस के आधार पर नहीं बनाए जा रहे, यह सबसे बड़ा सवाल है। “हम उन कोचिंग संस्थानों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं और परीक्षा प्रणाली खुद कोचिंग संस्थानों की ओर धकेली जा रही है।”

RPSC नियुक्तियों और पेपर लीक पर सवाल

हरीश चौधरी ने सदन में कहा कि “RPSC में नियुक्तियां किस पैमाने पर हो रही हैं? कोई भी सरकार हो, नियुक्तियां योग्यता और निष्पक्षता के आधार पर नहीं होकर जाति, विचारधारा और व्यक्तिगत हितों के आधार पर होती हैं। यह सही नहीं है।” उन्होंने कहा कि पेपर लीक का मूल कारण यही परीक्षा प्रणाली और कोचिंग संस्थाएं हैं।

“कोटा का मॉडल नहीं, थार के गांवों का मॉडल चाहिए”- चौधरी।

चौधरी ने कहा कि कोटा का कोचिंग मॉडल राजस्थान के लिए अंतिम विकल्प नहीं है। “हमारे थार के फिफ्टी विलेजर, वीरेंद्र धाम और किसान बोर्डिंग जैसे मॉडल की आवश्यकता है। ऐसे मॉडल ही कोचिंग माफियाओं से आम परिवार को बचा पाएंगे।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोकसभा में बैठे लोग कोचिंग इंडस्ट्री की चिंता कर रहे हैं, तो बच्चों की चिंता कौन करेगा? “इतिहास लिखा जाएगा तो हम सबकी गिनती राजस्थान को खत्म करने वालों में आएगी। इस राजस्थान को बचा लो।”

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