चरित्र केवल पढ़ने से नहीं उसे जीवन में उतारने से सार्थकता-सन्त लक्ष्मण दास

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

नागौर(प्रदीप कुमार डागा)चरित्र केवल पढ़ने से नहीं उसे जीवन में उतारने से उसकी सार्थकता है। केवल सोचने मात्र से कुछ नहीं होता, उसके लिए कर्म और भक्ति ही मार्ग है। नागौर में शिव चरित्र कथा तथा शिव पार्वती विवाहोत्सव आयोजन के दौरान अपने प्रवचन में श्री राम सेवा आश्रम वृंदावन के सन्त लक्ष्मण दास महाराज ने ये बात कही।उन्होंने शिव और राम के आपसी स्नेह और आदर के चरित्र के साथ अनन्य भक्ति और नाम जप का महत्व बताया। उन्होंने कहा सौ काम छोड़ भोजन करना, हज़ार काम छोड़ कर स्नान करना, लाख काम छोड़ दान और करोड़ काम छोड़ भगवान भक्ति करना चाहिए।

उन्होंने प्रेम के महत्व पर कहा प्रेम में कपट हो तो प्रेम खत्म हो जाता है जैसे दूध में जल मिलने पर दूध ही हो जाता है लेकिन कपट की खटाई दूध और पानी को अलग कर देते हैं। संगीत और भजनों के साथ प्रसंगों के साथ सरल प्रस्तुतिकरण ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।

आयोजन मंडल के अशोक कल्ला ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को प्रातः गणेश पूजन, षोडश मातृका पूजन और नवग्रह पूजन के साथ हुई।पंडित बलभद्र के सानिध्य में यजमान ओमप्रकाश राजेश मुथा, आनंद सरोज पुरोहित, विमलेश ललिता व्यास, रवि कुमुदनी पुरोहित ने विधिविधान से पूजन किया। दोपहर एक बजे लोहियों के चौक से मूथों की बारी, व्यासों की पोल, लोढ़ों का चौक, दफ़्तरियों की गली होते हुवे लक्ष्मण दास महाराज के साथ शिव पुराण सिर पर उठाकर भक्तगण शोभायात्रा के रूप में कार्यकम स्थल पुष्टिकर पंचायत भवन पहुंचे। रास्ते में जगह जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। दोपहर दो से पाँच बजे तक चली कथा के बाद सत्संग और आरती के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

शुक्रवार को होगा पार्वती जन्मोत्सव चार दिवसीय कार्यक्रम के अन्तर्गत दूसरे दिन पार्वती जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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