लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चित्तौड़गढ़ : छह दिवसीय राष्ट्रीय स्वदेशी महोत्सव का रविवार को गरिमामय और ऐतिहासिक समापन हुआ। 23 से 28 दिसंबर तक आयोजित इस महोत्सव ने चित्तौड़गढ़ को स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक जिले के रूप में स्थापित किया।
महोत्सव में 4 लाख से अधिक मेलार्थियों ने भाग लिया और 3 करोड़ रुपये से अधिक की स्वदेशी उत्पाद बिक्री हुई, जिससे स्थानीय कारीगरों, लघु उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक संबल मिला। इसके अलावा, 15,000 महिलाओं द्वारा प्रस्तुत घूमर ने विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चित्तौड़गढ़ को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मान्यता दिलाई।
स्वदेशी अपनाना राष्ट्र सेवा: मदन दिलावर
समापन समारोह के मुख्य अतिथि, शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि भले ही हम सीमा पर जाकर युद्ध न कर सकें, लेकिन स्वदेशी अपनाकर देश की सेवा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सोच स्पष्ट है कि भारत और राजस्थान आत्मनिर्भर बनें, और इसके लिए हमारी सोच, संकल्प और उपभोग, तीनों स्वदेशी केंद्रित होने चाहिए।
स्वदेशी महोत्सव बनेगा मील का पत्थर: जोराराम कुमावत
विशिष्ट अतिथि, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का यह आयोजन विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु भारत की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि “वोकल फॉर लोकल” की अवधारणा को यह महोत्सव नई मजबूती देगा।
सांसद सी.पी. जोशी ने आत्मनिर्भर भारत के विजन को सराहा
सांसद सी.पी. जोशी ने कहा कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और घर-घर स्वदेशी के विजन को धरातल पर उतारने का सफल प्रयास है। उन्होंने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों, कलाकारों और नागरिकों के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, जिला कलक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन प्रभा गौतम, सीईओ विनय पाठक, और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस का ऐलान
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि महाराणा प्रताप के राज्यारोहण दिवस को 28 फरवरी को पूरे राजस्थान में भव्यता से मनाया जाएगा। सांसद सी.पी. जोशी को मंच पर 111 फीट लंबा साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया।
उल्लेखनीय योगदान पर सम्मान
महोत्सव में विशेष योगदान देने वाले राहुल देव सिंह, महेंद्र सिंह डूडी, अभिषेक श्रीमाल, मिनाक्षी वधवानी, रवि सोनी, रेखा चौधरी, गोपाल कृष्ण जोशी, सौरभ वैष्णव और भरत लढ्ढा का मंच पर सम्मान किया गया।



















































