लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
प्रवासी अशोक ईनाणी ने उठाया सफाई का बीड़ा
ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने हाथों में झाड़ू लेकर किया श्रमदान; ‘स्वच्छ बिखरनियां’ का लिया संकल्प
पादूकलां, नागौर। पादूकलां क्षेत्र के बिखरनियां गांव में स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान में ग्रामीणों के साथ महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में झाड़ू लेकर ग्रामीणों ने गांव की गलियों, मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान करते हुए साफ-सफाई की।
स्वच्छता अभियान की शुरुआत बिखरनियां गांव के मुख्य चौक से हुई। इस दौरान प्रशासक प्रतिनिधि भींयाराम लोमरोड़, जयसिंह राठौड़, कांति प्रसाद, दिलीप सिंह, गिरधारी लाल प्रजापत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सार्वजनिक स्थानों और गांव की गलियों से कचरा हटाया।
चारभुजा मंदिर परिसर में हुआ समापन
अभियान का समापन चारभुजा मंदिर परिसर में किया गया। यहां ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से ‘स्वच्छ भारत, स्वच्छ राजस्थान, स्वच्छ बिखरनियां’ की शपथ ली।
ग्रामीणों ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और आसपास रहने वाले लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि गांव को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है।
प्रवासी अशोक ईनाणी की पहल बनी मिसाल
अभियान की खास पहल इंदौर प्रवासी एवं बिखरनियाकलां निवासी भामाशाह अशोक ईनाणी की रही। प्रवास में रहने के बावजूद अपनी जन्मभूमि से जुड़ाव रखते हुए उन्होंने गांव की स्वच्छता का बीड़ा उठाया और ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुंदर गांव बनाने के लिए प्रेरित किया।
अशोक ईनाणी ने कहा कि गांव की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर ग्रामीण की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने अशोक ईनाणी की पहल की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार जताया।
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से बढ़ा उत्साह
स्वच्छता अभियान में महिलाओं, बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन का कार्यक्रम न बनाकर इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।
अभियान के दौरान ग्रामीणों में साफ-सफाई को लेकर खासा उत्साह नजर आया। सामूहिक श्रमदान के जरिए ग्रामीणों ने न केवल गांव की सफाई की, बल्कि स्वच्छता के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश भी दिया।