लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
झाडोली में निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, गंदगी और अंधेरे के बीच हादसे का खतरा; ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
सिरोही। पिण्डवाड़ा के झाडोली से सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। राजकीय विद्यालय के खेल मैदान में हाल ही में लाखों रुपये की लागत से ओपन जिम स्थापित किया गया, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि महज चार दिन में ही जिम के उपकरण हिलने लगे हैं। आरोप है कि उपकरणों को जमीन में पर्याप्त मजबूती से फिक्स नहीं किया गया। वहीं, जिम परिसर में कचरा, प्लास्टिक, ऊंची घास और झाड़ियां दिखाई दे रही हैं। शाम होते ही पर्याप्त रोशनी नहीं होने से परिसर में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को सुरक्षित सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही?
चार दिन में उपकरण हिलने का दावा
झाडोली के राजकीय विद्यालय के खेल मैदान में लोगों की सेहत और फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओपन जिम लगाया गया है। लेकिन स्थापना के कुछ ही दिनों बाद इसके उपकरणों की मजबूती को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओपन जिम शुरू होने के महज चार दिन बाद ही कई उपकरण हिलने लगे। ग्रामीणों के अनुसार उपकरणों को जमीन में पर्याप्त मजबूती से फिक्स नहीं किया गया है।
नींव की मजबूती पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि जिम के कई उपकरणों की नींव मजबूत नहीं होने के कारण इस्तेमाल के दौरान उनमें कंपन और हिलने की स्थिति बन रही है। यदि समय रहते इस समस्या को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में किसी हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
लोगों का सवाल है कि जब नए लगाए गए उपकरण कुछ ही दिनों में हिलने लगे हैं तो आने वाले समय में उनकी मजबूती कितनी कायम रहेगी।
गंदगी और ऊंची घास से भी परेशानी
ओपन जिम की हालत केवल उपकरणों की मजबूती तक सीमित नहीं है। जिम परिसर में जगह-जगह कचरा और प्लास्टिक बिखरा हुआ है, जबकि आसपास ऊंची घास और झाड़ियां भी उगी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान को लोगों के स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए विकसित किया गया है, वहां नियमित सफाई नहीं होने से लोग खुद ही असहज महसूस कर रहे हैं।
सांप-बिच्छू का खतरा
ऊंची घास और झाड़ियों के कारण ग्रामीणों को सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीवों के आने की आशंका भी बनी हुई है। खासकर बच्चों के यहां आने को लेकर अभिभावकों में चिंता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम परिसर की नियमित सफाई के साथ-साथ ऊंची घास और झाड़ियों की कटाई कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
शाम होते ही छा जाता है अंधेरा
ओपन जिम परिसर में पर्याप्त लाइटिंग नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के बाद यहां पर्याप्त रोशनी नहीं रहती और परिसर में अंधेरा छा जाता है।
ऐसे में एक ओर जहां उपकरणों की मजबूती को लेकर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर अंधेरे और गंदगी के कारण सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि उपकरणों को लगाने में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है तो महज चार दिन में उनके हिलने की स्थिति क्यों बनी? लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में—
- ओपन जिम के उपकरणों को दोबारा मजबूत तरीके से फिक्स कराना।
- निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराना।
- परिसर की नियमित सफाई करवाना।
- ऊंची घास और झाड़ियों की कटाई कराना।
- पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करना।
- यदि निर्माण में लापरवाही सामने आए तो जिम्मेदार एजेंसी/ठेकेदार की जवाबदेही तय करना।
शामिल हैं।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदर्शन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मौके का निरीक्षण कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई सुविधा यदि शुरुआती दिनों में ही खराब होने लगे तो सरकारी धन के उपयोग और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
बड़ा सवाल: चार दिन में ही क्यों हिलने लगे उपकरण?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनता की सुविधा और स्वास्थ्य के लिए लगाए गए ओपन जिम के उपकरण महज चार दिन में ही हिलने क्यों लगे? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच होगी? क्या उपकरणों को लगाने में निर्धारित मानकों का पालन किया गया था? और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
