भुसावर क्षेत्र में खाली प्लॉटों व जमीन पर पार्थेनियम घास देखी जा सकती है

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भरतपुर l
भुसावर क्षेत्र में चहुँओर पार्थेनियम घास का भयंकर प्रकोप है। सडकों के किनारे, खाली प्लॉटों व जमीन पर पार्थेनियम घास देखी जा सकती है। कृषि महाविद्यालय भुसावर के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि पार्थेनियम मानव स्वास्थ्य के लिए एक खतरनाक खरपतवार है । इस खरपतवार में पार्थेनिन नामक केमिकल पाया जाता है। इसके संपर्क में आने से मनुष्यों में डर्मेटाइटिस, एलर्जी, बुखार, दमा, त्वचा पर धब्बे, फफोले, आखों में पानी आना जैसी कई बीमारियाँ हो सकती हैं। यदि अन्य घास के साथ पशु इसे खा लें तो पशु के मुँह में अल्सर हो सकता है। इसके एक पौधे से एक वर्ष में 6000 तक बीज पैदा हो सकते हैं । इसलिए यह तेजी से फैलने वाला खरपतवार है । यह सार्वजनिक जगहों जैसे चारागाह, सडक व रेल पटरी के किनारे, खाली प्लॉट व जमीन में ज्यादा पाया जाता है । अतः ग्राम पंचायत अथवा नगर पालिका द्वारा इसका नियंत्रण किया जाना चाहिए। स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी अथवा आमजन भी इसके उन्मूलन में भाग ले सकते हैं। डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि ग्लायफोसेट का एक प्रतिशत घोल इस खरपतवार के नियंत्रण में प्रभावी है। इस बेहद खतरनाक खरपतवार के नियंत्रण के लिए आमजन का जागरूक होना जरूरी है ।
वाइट डाॅ. उदय भान सिंह डीन कृषि कॉलेज भुसावर

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