लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
➤ समाजसेवी मोहम्मद हारून रंगरेज की पहल लाई रंग – अब ब्याजखोरों पर लगेगी सख्त लगाम
भीलवाड़ा, (विनोद सेन)–
भीलवाड़ा जिले में वर्षों से दबे एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दे – सूदखोरी (ब्याजखोरी) के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई शुरू हो गई है। आम जनता की लगातार मांग और समाजसेवी मोहम्मद हारून रंगरेज के प्रयासों के चलते, भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र यादव ने इस काले कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
भीलवाड़ा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अनेक परिवार सूदखोरों के जाल में फंसकर आर्थिक, मानसिक और सामाजिक रूप से बर्बाद हो चुके थे। कुछ मामलों में तो कर्ज़ के बोझ और सूदखोरों की धमकियों के चलते लोगों ने आत्महत्या तक कर ली। अब एसपी धर्मेंद्र यादव के ऐतिहासिक फैसले ने पीड़ित परिवारों में नई उम्मीद जगाई है।
कैसे होती थी सूदखोरी की शोषणकारी व्यवस्था?
₹2 से ₹10 सैकड़ा तक का अत्यधिक ब्याज
ब्याज नहीं देने पर चक्रवृद्धि ब्याज (compound interest)
₹500 प्रतिदिन की दंड राशि ( प्लांटी )
मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकियाँ
कर्ज चुकाने के बाद भी खत्म नहीं होता था हिसाब
अब क्या होंगे नए बदलाव? – एसपी धर्मेंद्र यादव का आदेश
1. जिले के सभी थानों में सूदखोरी की शिकायतें प्राथमिकता से दर्ज की जाएंगी।
2. पीड़ित की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
3. हर थाना स्तर पर सूदखोरों की सूची तैयार की जाएगी।
4. शिकायत मिलने पर त्वरित एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई।
5. ऑनलाइन व लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम से कार्रवाई की निगरानी होगी।
जनता का समर्थन और समाजसेवी मोहम्मद हारून रंगरेज की सराहना
मोहम्मद हारून रंगरेज, जो कि लंबे समय से इस समस्या को उजागर कर रहे थे, ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा:
> “यह सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि एक सामाजिक न्याय है। जिन लोगों ने सूदखोरों के कारण अपनी जान गंवाई, उनकी आत्माओं को भी अब शांति मिलेगी।”












































