भारतमाला परियोजना से प्रभावित किसानों की कानूनी लड़ाई तेज

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क 

विजय कपूर, बीकानेर

 — एडवोकेट चौधरी रमेश दलाल के नेतृत्व में मजबूती से लड़ी जा रही है पैरवी

बीकानेर राजस्थान में भारतमाला परियोजना से प्रभावित किसानों की मुआवजे की कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चौधरी रमेश दलाल के नेतृत्व में किसान अपने हक की लड़ाई कानूनी रूप से मजबूती से लड़ रहे हैं।

शनिवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए किसान प्रतिनिधियों की लम्बी बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों की याचिका पर अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2025 को जोधपुर उच्च न्यायालय में होगी।

किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि मुआवजे के मामले में सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है और किसान एकजुट होकर अपनी जमीनों के अधिकारों की रक्षा के लिए डटे हुए हैं।

किसान प्रतिनिधिमंडल में हनुमानगढ़ जिलाध्यक्ष दलीप छिंपा, सुरेन्द्र शर्मा, उग्रसेन भादू, सुखजिंदर, जालोर जिलाध्यक्ष निरंजन चौधरी, बाड़मेर जिलाध्यक्ष तनसिंह भाटी, बीकानेर जिलाध्यक्ष छोगाराम तर्ड, रामगोपाल मूंड, प्रहलाद गोदारा (पांचू), लूणकरणसर तहसील अध्यक्ष तोलाराम गोदारा (कुजेटी), प्रभूराम मूंड (राणीसर) सहित कई किसान नेता शामिल रहे।

एडवोकेट दलाल ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों की जमीनों के लिए नहीं, बल्कि न्याय और अधिकार की है। उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों का पक्ष अदालत में पूरी मजबूती से रखा जाएगा और उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।

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