लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा (निर्मल गुप्ता)। उप तहसील ककोड़ कस्बे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन कलश यात्रा और श्रीराम की शोभायात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा तीन अलग-अलग स्थानों – रूपवास दरवाजा, तालाब के समीप तेजाजी स्थल और स्थानीय बस स्टैंड बालाजी मंदिर – से पूजन-अर्चन के बाद रवाना हुई।
सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं, वहीं युवा कलाकार शौर्यपूर्ण करतब दिखाते हुए आगे बढ़ रहे थे। तीनों कलश यात्राओं का संगम श्री चारभुजा नाथ मंदिर के समीप हुआ, जहां 501 महिलाओं ने एक साथ कलश धारण किया और युवक जयकारे लगाते हुए करतब दिखाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में राम-लक्ष्मण-सीता-हनुमान की सजीव झांकी भी शामिल थी। रास्ते में पुष्पवर्षा और रंगोली से भव्य स्वागत किया गया।
कलशयात्रा हिंदू सम्मेलन स्थल तेजाजी मंदिर पर पहुंचकर विधिवत पूजा के साथ सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर स्वदेशी प्रचार के संयोजक व मुख्य वक्ता लोकेंद्र सिंह ने उपस्थित हिंदुओं से एकजुट होकर समाज को मजबूत बनाने का आव्हान किया। अरिहस्त प्रभु जी महाराज और सुमिरन दास जी महाराज (कचरावता आश्रम) ने सनातन धर्म की महिमा और इतिहास बताते हुए समाज में जात-पांति, ईर्ष्या और विरोध को त्यागने तथा संस्कृति, राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा दी।
सम्मेलन में सभी के मस्तिष्क पर तिलक लगाया गया। साधू-संतों, गौसेवकों, रामलीला मंच के पदाधिकारियों, प्रभातफेरी सदस्यों, वृद्धजनों और प्रबुद्धजनों का स्वागत सत्कार किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं और साधु-संतों के आशीर्वचन, एकात्मकता मंत्र और प्रसादी का वितरण भी किया गया।
इस दौरान सेवानिवृत्त कर्नल मुकुट बिहारी, ग्राम पंचायत प्रशासक रामबिलास गुर्जर, विराट हिंदू सम्मेलन ककोड़ के संयोजक छितर लाल वैष्णव, अध्यक्ष रमेश चन्द, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश चौपदार, सचिव रामदयाल शर्मा, कन्हैया लाल धाकड़ और कन्हैया लाल सैनी सहित हजारों लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन में पूरे समाज में उत्साह और जोश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

















































