लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर I सोमवार को बैरवा शिक्षा प्रचार एवं सहायतार्थ समिति जयपुर में 77 वें गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। जिसमें समिति अध्यक्ष एस. के. बैरवा द्वारा ध्वज (तिरंगा) फहराया गया तथा छात्र/समिति पदाधिकारियों द्वारा सामूहिक राष्ट्रगान गाया गया। तत्पश्चात एस. के. बैरवा द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन किया गया। जिसमें भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन किया गया तथा संविधान में निहित मूल अधिकारों/कर्तव्यों/नीति निर्देशक तत्वों के विषय में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर बेहतर नागरिक बनने का आह्वान किया गया। साथ ही छात्रावास में अध्ययन करने वाले छात्रों को कठिन परिश्रम कर आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया तथा मिठाई वितरण भी की गई।
पदाधिकारियों की बैठक हुई
तत्पश्चात पूर्व सूचना के क्रम में एस के बैरवा को अध्यक्षता में समिति पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें पूर्व बैठक में लिए गए प्रस्तावों की समीक्षा, छात्रावास की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर गहन चर्चा हुई।
यह रहे बैठक में मौजूद
जिसमें समिति पदाधिकारी हरिराम नागरवाल, लालाराम बैरवा, प्रभुलाल बैरवा, वेदप्रकाश वर्मा, आर आर सुलानिया, बाबूलाल महुआ, ओम प्रकाश मूर्तिकार, अमर चंद बैरवा, रामेश्वर प्रसाद गोठवाल, पंडित भवानी शंकर गोठवाल, रमेश कुमार बैरवा, किशन लाल बंशीवाल, डॉ विजय लाल बैरवा, बुद्धिप्रकाश देव, हीरालाल हुडला, रामगोपाल उग्रियावास, रामफूल बैरवा, के के टाटीवाल, पांचुराम बैरवा, रामलाल आर्य सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए।
जिनमें छात्रावास में अपूर्ण निर्माण कार्य को पूरा करने, आर्थिक सहयोग संकलन करने, छात्रावास की तृतीय मंजिल का लोकार्पण करने तथा छात्रावास का बेहतर संचालन पर बल दिया गया। जिसमें सभी ने समवेत स्वर में समर्थन किया।
एस के बैरवा द्वारा भामाशाह सहयोग प्राप्ति हेतु चार दलों का गठन किया। जिनके संयोजक निम्नांकित है.. हरिराम नागरवाल, प्रभुलाल बैरवा, बाबूलाल महुआ, किशन लाल बंशीवाल, साथ ही सी एल प्रेमी ( विधायक) एवं लालाराम बैरवा ( विधायक) से पूर्व घोषित आर्थिक सहयोग की प्राप्ति हेतु बुद्धिप्रकाश देव एवं हीरालाल हुडला को उत्तरदायित्व दिया गया। उक्त संकलन कार्य को सभी संयोजकों ने स्वीकार किया। इनके साथ में अन्य पदाधिकारी/सदस्यगण भी सहयोग करेंगे तथा स्वयं अध्यक्ष द्वारा भी बेहतर प्रयास किया जाएगा। आर्थिक सहयोग संकलन का समय माह फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का आह्वान किया गया।








































