बाड़मेर में घर के अंदर चल रही थी एमडी बनाने की फैक्ट्री, एक गिरफ्तार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बाड़मेर में ड्रग्स फैक्ट्री का खुलासा: 
•  40 किलो एमडी, 100 किलो केमिकल, 2 लग्जरी वाहन जब्त, फैक्ट्री से 50 करोड़ की ड्रग्स तैयार होने की थी तैयारी
जयपुर । सरहदी जिले बाड़मेर में डीएसटी और सदर थाना पुलिस ने केरली आदर्श चवा गांव में एक मकान पर दबिश देकर अवैध रूप से संचालित एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस और एनसीबी जोधपुर की इस संयुक्त कार्रवाई में करीब 85 करोड़ रुपये की ड्रग्स, उपकरण और केमिकल बरामद किए गए हैं।
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कुख्यात तस्कर मोटाराम जाट अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक घर में ड्रग्स की फैक्ट्री चला रहा है। सूचना पर वे खुद केरली आदर्श चवा गांव पहुंचे और भारी पुलिस जाब्ते के साथ मकान मालिक भैराराम जाट के घर की घेराबंदी की गई।
पुलिस ने छत पर सुखाया जा रहा 39 किलो 777 ग्राम तैयार एमडी पाउडर और 99 किलो 931 ग्राम लिक्विड केमिकल जब्त किया। यदि यह तरल केमिकल प्रोसेस हो जाता, तो बाजार में इसकी कीमत 50 करोड़ रुपये और बढ़ जाती।
हाइटेक लैब देख उड़े पुलिस के होश
मकान के अंदर किसी पेशेवर लैब की तरह उपकरण लगाए गए थे। पुलिस ने मौके से लोहे की भट्टी, डी-फ्रिज, वैक्यूम पंप, डिजिटल थर्मामीटर, कांच के 19 बड़े बर्तन, 4 बिलोना मशीन, 100 लीटर की टंकियां और तस्करी में प्रयुक्त होने वाली एक स्कॉर्पियो और KIA कार भी जब्त की है।
कुख्यात मोटाराम: 15 हजार का इनामी मास्टरमाइंड फरार
इस पूरी फैक्ट्री का मास्टरमाइंड कुख्यात तस्कर मोटाराम जाट है, जो पहले से ही बालोतरा और श्रीगंगानगर पुलिस का वांछित कुल 15,000 रुपये का इनामी अपराधी है। मोटाराम के साथ उसका सहयोगी दिनेश गिरी और एक अन्य फौजी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने इन तीनों को नामजद कर लिया है और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ड्रग्स की ऊंची कीमत को देखते हुए एनसीबी जोधपुर की टीम को मौके पर बुलाया गया था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के साथ-साथ नई दंड संहिता बीएनएस की धारा 111(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
एसपी मीना ने बताया कि यह बाड़मेर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है। ड्रग्स के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए हम बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रहे हैं। फरार आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
डीएसटी कांस्टेबल रामस्वरूप की विशेष भूमिका रही खास
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में डीएसटी कांस्टेबल रामस्वरूप की विशेष भूमिका रही। टीम में एएसपी नितेश आर्य, वृताधिकारी रमेश कुमार, प्रोबेशनर आरपीएस मंजू चौहान, डीएसटी प्रभारी आदेश कुमार, सदर थानाधिकारी करतार सिंह और महिला थानाधिकारी देवीचंद ढाका सहित भारी पुलिस बल शामिल रहा।
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