लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर | (नितिन मेहरा) अजमेर जिले में अवैध गैस कारोबार और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन और रसद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष अभियान के तहत प्रवर्तन टीमों ने छापेमारी कर कुल 61 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं, जिससे अवैध रिफिलिंग और भंडारण करने वालों में हड़कंप मच गया है।
मेयो लिंक रोड और धोला भाटा में छापेमारी
जिला रसद अधिकारी मोनिका जाखड़ के नेतृत्व में प्रवर्तन दल ने मेयो लिंक रोड और धोला भाटा क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान 58 घरेलू गैस सिलेंडर (करीब 550.6 किलोग्राम गैस) अवैध रूप से भंडारित पाए गए।
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिलेंडरों को जब्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। टीम में प्रवर्तन अधिकारी सुनीता शर्मा, मीना डेचरवाल और निरीक्षक महेंद्र कुमार यादव, राहुल वेदवाल शामिल रहे।
रेस्टोरेंट्स पर भी कार्रवाई
जिला रसद अधिकारी नीरज कुमार जैन के निर्देशन में चलाए गए अभियान में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई।
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दाल बाटी रेस्टोरेंट से 1 सिलेंडर
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चामुंडा रेस्टोरेंट से 2 सिलेंडर
अवैध उपयोग में पाए जाने पर जब्त किए गए।
अरांई क्षेत्र में भी सघन निरीक्षण
प्रवर्तन टीम ने अरांई क्षेत्र में भी विभिन्न प्रतिष्ठानों और गैस एजेंसी का निरीक्षण किया, ताकि आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
प्रशासन की चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग गंभीर अपराध है, जो
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एलपीजी (आपूर्ति एवं वितरण) आदेश 2000
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आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955
का उल्लंघन है।
आमजन को राहत का भरोसा
प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जिले में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और उपभोक्ताओं को 3–4 दिनों में होम डिलीवरी मिल रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
रसद विभाग ने साफ किया है कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
