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अष्टान्हिका महापर्व पर सिद्धों की आराधना, गर्भ कल्याणक महोत्सव मनाया

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

उनियारा (दुर्योधन मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के सुथड़ा स्थित श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र में देवाधिदेव श्री संभवनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक महोत्सव एवं अष्टान्हिका महापर्व का प्रथम दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।

प्रबंध समिति के महावीर प्रसाद पराणा एवं संतु जैन ने बताया कि अष्टान्हिका महापर्व जैन धर्म का अत्यंत पवित्र आठ दिवसीय अनुष्ठान है, जो प्रतिवर्ष कार्तिक, फाल्गुन और आषाढ़ माह की शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक मनाया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु नंदीश्वर द्वीप के 52 कृत्रिम जिनालयों में विराजमान 108-108 जिनबिंबों की पूजा-अर्चना कर आत्मशुद्धि, व्रत, उपवास और नंदीश्वर वंदना करते हैं।

शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक के साथ नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। मूलनायक शांतिधारा गजानंद एवं राजेश कुमार बड़जात्या ने की, जबकि वार्षिक शांतिधारा रमेशचंद, रौनक सर्राफ (जयपुर) ने संपन्न कराई। पांडुशिला पर शांतिधारा गणेश कुमार एवं मनीष कुमार सर्राफ (उनियारा) ने की।

इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा, चौबीस भगवानों की पूजा, मूलनायक भगवान की पूजा, संभवनाथ भगवान की विशेष पूजा, पंचमेरु एवं नंदीश्वर द्वीप की पूजा कर सिद्धों की आराधना की गई और गर्भ कल्याणक महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

भक्तामर संयोजक हुकुमचंद शहर वाले एवं बसंत जैन बनेठा ने बताया कि सायं 6 बजे श्रेष्ठी परिवार एवं मंगलवार भक्तामर मंडल ककोड़ द्वारा भक्तामर दीपार्चना सानंद संपन्न हुई।

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