एपिलेप्सी सर्जरी से आठ माह के बच्चे को मिर्गी दौरों से मिली राहत

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

महात्मा गांधी अस्पताल को  मिली एक और सफलता

राजस्थान में पहला हाइपोथैलेमिक हैमार्टोमा ऑपरेशन 

एपिलेप्सी सर्जरी से सफल उपचार
जयपुर। महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर के डॉक्टरों ने चिकित्सा इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। अस्पताल की न्यूरोसर्जरी टीम ने आठ माह के एक शिशु के मस्तिष्क में मौजूद दुर्लभ रोग हाइपोथैलेमिक हैमार्टोमा का सफल ऑपरेशन कर उसे बार-बार आने वाले मिर्गी दौरे से मुक्त किया है। यह प्रदेश में इस आयु वर्ग का पहला एपिलेप्सी सर्जरी का मामला है।
सुविख्यात न्यूरोसर्जन डॉ बी. एस. शर्मा ने बताया कि बच्चे को प्रतिदिन 10 से 15 बार गंभीर दौरे पड़ते थे और दवाइयों का असर लगभग खत्म हो चुका था। मस्तिष्क के मध्य भाग में स्थित खराबी का उपचार अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीमवर्क के दम पर जटिल सर्जरी सफलता के साथ पूरी की गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति लगातार सुधरती गई और छह सप्ताह बाद वह पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी दवाओं की मात्रा भी आधी कर दी गई है।
डॉ शर्मा ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल में एपिलेप्सी सर्जरी नियमित रूप से की जाती है और अब तक 58 सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। इसमें न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूक्लियर मेडिसिन व रेडियोलॉजी विशेषज्ञों की संयुक्त भूमिका रहती है।
अस्पताल के पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ अजय गोयनका ने बताया कि सरदार शहर निवासी यह बच्चा देश के कई बड़े संस्थानों में इलाज करा चुका था, पर कोई सुधार नहीं हुआ। महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचने पर वीडियो ईईजी, एमआरआई सहित विस्तृत जांचों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि सर्जरी ही सर्वोत्तम विकल्प है। ऑपरेशन सफल रहा और अब बच्चे के दौरे पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
राजस्थान में बच्चों के मस्तिष्क रोगों के उपचार के क्षेत्र में इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की संयुक्त दक्षता ने यह साबित किया है कि गंभीर मिर्गी रोगों का समाधान सर्जरी द्वारा संभव है।
बच्चे के माता-पिता ने इसे “नया जीवन” बताते हुए डॉक्टरों व पूरे अस्पताल स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।
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