लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर/जयपुर – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जोधपुर के पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन में समाज और राष्ट्र निर्माण में माहेश्वरी समाज की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश शीघ्र तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
शाह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना में स्वदेशी उत्पादन, स्वभाषा और उद्योग का अहम योगदान है। भाषा ही समाज और संस्कृति को जीवंत रखती है, इसलिए नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने हेतु स्वभाषा में संवाद आवश्यक है।
उन्होंने आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 में देश को अग्रणी बनाने और प्रधानमंत्री की आर्थिक पहल—निर्यात, मैन्यूफैक्चरिंग, डिजिटल लेनदेन, मोबाइल निर्माण, स्टार्टअप्स, दवाई एवं ऑटोमोबाइल में वैश्विक उपलब्धियों—का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने मैन्यूफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और ग्लोबल एक्सपो के माध्यम से आर्थिक मजबूती को बढ़ावा मिलेगा।
विकसित भारत में समाज की भूमिका
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक सेवा, समर्पण और त्याग का योगदान दिया है। नवाचार, तकनीक और उद्यमशीलता के माध्यम से समाज का दायित्व और बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महाधिवेशन और ग्लोबल एक्सपो मेरेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की भावना का प्रदर्शन हैं। माहेश्वरी समाज सेवा, त्याग और सदाचार में अग्रणी है और शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण व आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में शांति और सुरक्षा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दृढ़ नेतृत्व अहम है। नक्सलवाद, धारा 370 जैसी नीतियों और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से देश सुरक्षित हुआ है।
विशेष कार्यक्रम
अमित शाह ने माहेश्वरी समाज को समर्पित डाक टिकट जारी किया, माहेश्वरी गौरव ग्रंथ और जैविक खेती पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया, साथ ही अपने घर आश्रम के प्रथम चरण का वर्चुअल लोकार्पण किया।
कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के. के. विश्नोई, राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, विधायक अतुल भंसाली, देवेन्द्र जोशी सहित अंतर्राष्ट्रीय माहेश्वरी महासभा के प्रतिनिधि और समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
महाधिवेशन ने माहेश्वरी समाज की एकता, सेवा और उद्यमशीलता को उजागर किया और आत्मनिर्भर व विकसित भारत में समाज की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।








































