लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आकोली-ए की, फर्जी अतिक्रमण कार्रवाई का आरोप
नागौर। जिले की मेड़ता तहसील के आकोली-ए गांव के निवासी पिछले ढाई वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। पीड़ित परिवार की सायरी देवी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता सायरी देवी पत्नी हरिदीनराम (जाति-जाट) एवं उनके परिजनों मैं जयपुर पिंक सिटी प्रेस करने आयोजित एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया कि तत्कालीन तहसीलदार भागीरथ चौधरी, पटवारी सौरभ तथा अन्य अधिकारियों ने बिना नोटिस और बिना सीमांकन किए उनकी खातेदारी जमीन (खसरा नंबर 19/1702) पर अतिक्रमण बताकर कार्रवाई कर दी। आरोप है कि इस दौरान जमीन की पाल तोड़ दी गई और भारी नुकसान पहुंचाया गया।
पीड़ित परिवार के अनुसार कार्रवाई के दौरान 20 ट्रॉली पत्थर, 40 क्विंटल चारा, लोहे का गेट, 6 लोहे की चादरें, कृषि उपकरण व अन्य घरेलू सामान जब्त किया गया। जब्ती फर्द में पूरा सामान दर्ज नहीं किया गया और शेष सामान का गबन कर लिया गया। बाद में केवल 2 से 2.5 ट्रॉली पत्थर और टूटा हुआ गेट ही लौटाया गया।
सायरी देवी और उनके बेटे का आरोप है कि खसरा नंबर 905 और 211 पर की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को संभागीय आयुक्त, अजमेर ने 22 अगस्त 2023 को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ितों ने मांग की है कि राज्य स्तरीय कमेटी द्वारा मौके की वीडियोग्राफी एवं रंगीन फोटोग्राफी के साथ निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही फसल, पेड़ों और अन्य हुए नुकसान की भरपाई दोषी अधिकारियों से करवाई जाए। तहसीलदार भागीरथ चौधरी, पटवारी सौरभ एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है।
पीड़ितों का कहना है कि गांव की लगभग 90 प्रतिशत आबादी सरकारी भूमि पर काबिज है, फिर भी चयनात्मक कार्रवाई कर उन्हें निशाना बनाया गया। अब पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए प्रशासन से निष्पक्ष सुनवाई की मांग कर रहा है।















































