लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर। भारत की न्याय व्यवस्था को अधिक सशक्त, सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 26 दिसंबर से बालोतरा में आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन में देशभर से चार हजार से अधिक अधिवक्ता भाग लेंगे।
अधिवेशन के पोस्टर का विमोचन करते हुए संगठन महामंत्री (उत्तर क्षेत्र) हरि बोरकर ने कहा कि परिषद का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर और सुलभ न्याय पहुंचाना है। उन्होंने अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे केवल मुकदमे जीतने तक सीमित न रहें, बल्कि न्याय प्रणाली में आमजन का विश्वास मजबूत करने में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। बोरकर ने कहा कि पीड़ित, उपेक्षित और कमजोर वर्ग तक न्याय पहुंचाने में अधिवक्ताओं की भूमिका सेतु के समान है।
जयपुर प्रांत महामंत्री अभिषेक सिंह ने बताया कि अधिवेशन में विभिन्न सत्रों में न्यायिक सुधार, लंबित प्रकरणों में कमी, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग और युवा अधिवक्ताओं का प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। अधिवेशन के प्रस्तावों के माध्यम से सरकार से न्यायालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, अधिवक्ताओं के कल्याण योजनाओं को प्रभावी बनाने और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की मांग की जाएगी।
अधिवेशन में सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, पूर्व न्यायाधीश, भारत सरकार के विधि एवं कानून मंत्री सहित विधि क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तित्व शामिल होंगे।



















































