लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ग्रामीणों का निकलना दूभर
धौलपुर ,बाड़ी। उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत अजीतपुर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। ग्राम पंचायत द्वारा नियुक्त सफाई ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीणों को नारकीय हालातों में जीवन यापन करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि नालियों से निकाली गई गंदगी और कीचड़ पिछले 25 दिनों से गांव के मुख्य रास्तों पर ही पड़ी हुई है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
रास्ते बने दलदल, आवागमन प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 25 दिन पहले सफाई कर्मियों ने नालियों की सफाई की थी, लेकिन उससे निकली सड़ांध मारती कीचड़ को न तो कचरा पात्र में डाला गया और न ही गांव से बाहर निस्तारित किया गया। इसके बजाय इसे आम रास्तों के दोनों ओर ढेर कर दिया गया, जो आज तक नहीं हटाया गया है।
कीचड़ फैलने से रास्ते दलदल में तब्दील हो चुके हैं। पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दुपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना हुआ है। कई ग्रामीण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
बीमारियों का मंडरा रहा खतरा
लंबे समय से पड़े इस कीचड़ में मच्छरों और मक्खियों का जमावड़ा हो गया है। ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू, वायरल और चर्म रोग फैलने की आशंका सता रही है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन न तो ठेकेदार ने सुध ली और न ही पंचायत स्तर पर कोई ठोस कदम उठाया गया। प्रशासनिक अनदेखी से लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
ठेकेदार की कार्यशैली पर उठे सवाल
गांव के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि सफाई का टेंडर होने के बावजूद ठेकेदार नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहा है। नियमानुसार नालियों से निकली गंदगी को तुरंत हटाकर सुरक्षित स्थान पर निस्तारित किया जाना चाहिए, लेकिन अजीतपुर में ऐसा न होकर स्वच्छ भारत मिशन की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—
“यदि अगले दो-तीन दिनों के भीतर रास्तों से कीचड़ नहीं हटाया गया, तो समस्त ग्रामवासी उपखण्ड प्रशासन का घेराव करेंगे और उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।”
अब देखना यह है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या ग्रामीणों का आक्रोश आंदोलन का रूप लेता है।