आम आदमी के मुद्दे उठाने वाला चढ़ढ़ा केजरीवाल को पसंद नहीं, राज्यसभा में कतरे पर

0
27
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

अशोक मित्तल को दी जिम्मेदारी
राघव चढ़ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाया
राघव को मिला जनता का साथ

नई दिल्ली जयपुर।  आम आदमी पार्टी जिसका जन्म ही आम लोगों के मुद्दों के लिए हुआ था लेकिन समय के साथ आम आदमी पार्टी अपने उदेश्य से भटक गई है ….. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चढ़ढा पिछले लंबे समय से राज्यसभा में जनहित के मुद्दों को उठाकर चर्चा में है…..उनके प्रमुख मुद्दों में पैटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) को कानूनी अधिकार बनाने की मांग, टेलिकॉम कंपनियों द्वारा डेटा लूट, फूड कंपनियों के भ्रामक विज्ञापन और मिडिल क्लास के लिए राहत पैकेज शामिल हैं लेकिन लगता है केजरीवाल जी को ये सब मुद्दे रास नहीं आए.. जबकि राघव चढ्ढा के इन मुद्दों से पूरे देश की जनता का ध्यान खिंचा और वे सुर्खियों में रहे लेकिन ये सब केजरीवाल को पसंद नहीं है.. उनकी पार्टी का कोई दूसरा नेता कैसे पापुलर हो जाए… यही कारण है कि केजरीवाल ने चढ़ढ़ा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर राज्यसभा से हटाकर अशोक मित्तल को जिम्मेदारी सौंप दी है… लेकिन अब उनकी जमकर छिछालेदार हो रही है…….

आम आदमी पार्टी उद्देश्य से भटकी

आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जनता के मुद्दे संसद में उठाने वाले सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को पार्टी के डिप्टी लीडर (Deputy Leader Rajyasabh) पद से हटा दिया गया है। वही राघव चड्ढा जिन्होंने संसद में सिर्फ हिंदू-मुस्लिम (Hindu-Muslim) राजनीति नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा ने राज्यसभा में आम नागरिकों से जुड़े कई अहम जनहित के मुद्दे उठाए हैं।

पैटरनिटी लीव (Paternity Leave): चड्ढा ने पैटरनिटी लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग की, ताकि बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता दोनों को साथ समय बिताने का मौका मिले।
फूड इंडस्ट्री में मिलावट और विज्ञापन: उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़ी कंपनियाँ फ्रूट जूस के नाम पर चीनी मिला पेय बेच रही हैं, जिससे बच्चों में डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है।
टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी: उन्होंने मोबाइल डेटा प्लान्स का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि बचा हुआ (Unused) डेटा अगले महीने के लिए ट्रांसफर (Carry Forward) किया जाना चाहिए।
महंगाई और मिडिल क्लास: उन्होंने शेयर बाजार में गिरावट के कारण मिडिल क्लास परिवारों और एसआईपी (SIP) होल्डर्स के लिए राहत पैकेज की मांग की थी।
एयरपोर्ट पर महंगे उत्पाद: उन्होंने हवाई अड्डों पर चाय, पानी और खाने की वस्तुओं की अधिक कीमतों का मुद्दा भी उठाया था।
गिग वर्कर्स के अधिकार: जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे प्लेटफार्मों पर काम करने वाले डिलीवरी बॉयज (Gig Workers) की समस्याओं और कामकाजी स्थिति का मुद्दा भी उन्होंने प्रमुखता से उठाया।
इन मुद्दों को उठाने के कारण वे जनता के बीच चर्चा में रहे हैं। लेकिन लगता है केजरीवाल को सिर्फ उनकी हां- हां करने वाले नेता चाहिए….
चढ़ढा पुछ रहे है कि आखिर उनका कसूर क्या है  क्या  जनहित के मुद्दे उठाना अपराध है तो वे सौ बार करेंगे।
..

केजरीवाल के नजदीकी लोगों का कहना है कि राघव चड्ढा पार्टी की आधिकारिक लाइन के बजाय ऐसे मुद्दे उठा रहे थे जो उनके व्यक्तिगत थे। ये भी कहा गया कि जब केजरीवाल-सिसोदिया को कोर्ट ने शराब घोटाले पर क्लिन चिट दी उस समय भी चढ़ढ़ा चूप रहे थे। इस समय चड्ढा का बयान न आना पार्टी को खटका और धीरे- धीरे ये खांई बढ़ती गई।
विपक्ष के साथ वॉकआउट न करना: जब पूरा विपक्ष किसी मुद्दे पर वॉकआउट कर रहा था, तब चड्ढा सदन में ही बने रहे, जिसे अनुशासनहीनता माना गया।
सोशल मीडिया से दूरी: चड्ढा के सोशल मीडिया पोस्ट्स में पार्टी का निशान या झंडा गायब होने की बात भी सामने आई।
इन घटनाओं के बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में पार्टी का डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है और उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया है। आम आदमी पार्टी ने भले ही चढ़ढ़ा को हटा दिया गया लेकिन उन्होंने देश की जनता का दिल जीत लिया….

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here