लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित 78वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में इस वर्ष भी सेवाभाव, समर्पण और मानवता का दिव्य संदेश गूंजा। समागम स्थल पर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज और निरंकारी राजपिता रमित ने अपने पावन कर-कमलों से सेवा स्थल का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मिशन की कार्यकारिणी समिति, केंद्रीय सेवादल अधिकारीगण और हजारों श्रद्धालु सेवा और भक्ति की भावना से उपस्थित रहे। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि समागम सेवा के पावन अवसर पर आकर अत्यंत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष समागम का विषय ‘आत्म मंथन’ है, जो हमें अपने भीतर झाँकने, विचारों और कर्मों को शुद्ध करने और आत्मज्ञान प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।
भीलवाड़ा ज़ोनल इंचार्ज संत ब्रजराज सिंह ने बताया कि लगभग 600 एकड़ में फैले इस समागम स्थल पर भक्तों के निवास, भोजन, स्वास्थ्य, आवागमन और सुरक्षा जैसी सभी व्यवस्थाएँ पूर्ण श्रद्धा और निःस्वार्थ भाव से संचालित की जाती हैं। देश-विदेश से आए संतजन और श्रद्धालु इस महोत्सव में सम्मिलित होकर एकत्व, समर्पण और आत्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।
समागम का संदेश “वसुधैव कुटुम्बकम” – समस्त संसार एक परिवार – है, जो प्रेम, करुणा और मानवता के मूल्य को जीवन में उतारने का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।















































