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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भवानीमंडी, झालावाड़। (सुनील निगम) झालावाड़ जिले के भवानीमंडी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां शांति बाई गुर्जर उर्फ शाणी बहन नामक 70 वर्षीय महिला अपनी अनोखी जीवनशैली को लेकर चर्चा में हैं। दावा किया जा रहा है कि
शांति बाई गुर्जर ने 56 साल से नहीं खाया अन्न
बताया जाता है कि शांति बाई ने महज 14 वर्ष की उम्र में ठोस भोजन पूरी तरह छोड़ दिया था। उनकी शादी लालसोट के पास एक गांव में हुई थी। ससुराल जाने के बाद उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी, जिसके बाद उन्होंने भोजन त्यागने का फैसला किया. तब से अब तक वे केवल चाय और दूध पर निर्भर हैं।
7-8 चाय और आधा किलो दूध पीती है
शांति बाई दिन में 7 से 8 बार चाय पीती हैं और रात में करीब आधा किलो दूध का सेवन करती हैं।इसी सीमित आहार के बावजूद वह रोजमर्रा के सभी काम सामान्य रूप से करती हैं.
इस मामले पर डॉक्टर रवि काबरा का कहना है कि शरीर को जीवित रहने के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और विटामिन की आवश्यकता होती है, जो केवल दूध और चाय से पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते। बिना ठोस आहार के इतने लंबे समय तक जीवित रहना चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद दुर्लभ स्थिति मानी जाती है।
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