लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां।निकटवर्ती ग्राम पंचायत डोडियाना के राष्ट्रभक्त सपूत शांतिलाल सैनी ने 40 वर्षों की गौरवशाली देशसेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्ति के पश्चात जब अपनी मातृभूमि डोडियाना की धरती पर कदम रखा, तो पूरे गांव ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। इस अवसर पर सैकड़ों ग्रामवासी, परिजन एवं परिचितजन उपस्थित रहे और गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।सेवानिवृत्ति के उपलक्ष्य में शांतिलाल सैनी का माल-साफा पहनाकर सम्मान किया गया। इसके पश्चात उन्हें सुसज्जित वाहन में बिठाकर बैंड-बाजे के साथ गांव की मुख्य गलियों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा चारभुजा मंदिर पहुंची, जहां पुजारी द्वारा माला पहनाकर विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया गया।चारभुजा मंदिर दर्शन के बाद शांतिलाल सैनी अपने निवास पहुंचे, जहां ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिजनों ने ढोल-नगाड़ों व पुष्पवर्षा के साथ उनका आत्मीय अभिनंदन किया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण देशभक्ति और गौरव से सराबोर नजर आया।इस अवसर पर संवाददाता से बातचीत में शांतिलाल सैनी ने भावुक होते हुए कहा कि “मेरे दादाजी का सपना था कि मैं फौज में जाऊं।आज 40 वर्षों की सेवा पूर्ण कर अपने गांव लौटा हूं, तो लगता है कि उनका सपना साकार हो गया। अपनों के बीच लौटकर अपार खुशी मिल रही है।ग्रामीण रामनारायण गटियाला ने बताया कि शांतिलाल सैनी मिलनसार स्वभाव और उच्च व्यक्तित्व के धनी हैं। वे सेवा काल के दौरान न केवल देश के प्रति समर्पित रहे,बल्कि युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहे। उनकी दीर्घकालीन सेवाओं के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।समारोह में उनके पिता मांगूराम सैनी,बड़े भाई भंवरलाल, बाबूलाल,सुवाराम, लक्ष्मणराम सहित परिवारजन उपस्थित रहे।वहीं नंदराम कलवानिया (कुचामन), हुकमसिंह किनसरिया, ठाकुर भंवरसिंह मिंडकिया, राजेंद्र पंचारियां, गणपत सारण (गच्छीपुरा), शंकरलाल चौधरी (पालड़ी),पुनाराम चौयल, नंदकिशोर गटियाला,गिरधारी सिंह राठौड़,मनोहर सिंह राठौड़, गोपाल सिंह नरुका,रघुवीर सिंह, मालसिंह, भानू टाक,राजू प्रजापत,पिंटू व्यास,रघुवीर सैन सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।ग्राम डोडियाना ने अपने इस सपूत को एक स्वर में बधाइयां एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


















































