सिंहपुरा में चल रहे नशामुक्ति केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण, मिली अनियमितताएं
- संस्थान में तीन डॉक्टर कार्यरत, लेकिन जांच के दौरान नहीं मिला एक भी
- संस्थान व कार्मिकों से संबंधित दस्तावेज जमा करवाने के दिए आदेश
नर्सिंग स्टाफ भी नदारत अनट्रेंड लोग कर रहे थे इलाज
हनुमानगढ़, रावतसर । (जगत जोशी ब्यूरो चीफ)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने नशा मुक्ति केन्द्रों के निरीक्षण अभियान के तहत शुक्रवार को ब्लॉक संगरिया के गांव सिंहपुरा में चल रहे नशामुक्ति केन्द्र सफा सेवा संस्थान का आकस्मिक निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने नशामुक्ति केन्द्र की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही चिकित्सकीय सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके साथ डीईओ जसविन्द्र बराड़ एवं दिनेश कुमार रहे। नशामुक्ति केन्द्र सफा सेवा संस्थान के आकस्मिक निरीक्षण में जांच करने पर पाया गया कि नशामुक्ति केन्द्र का रजिस्ट्रेशन क्लिनिकल स्थापना अधिनियम के तहत अभी नहीं करवाया गया है। निरीक्षण के समय संस्थान पर मौजूद जसपिन्द्र सिंह एवं सुखचैन सिंह ने सीएमएचओ को बताया कि वे नशामुक्ति केन्द्र की सभी व्यवस्थाओं को देखते हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में तीन डॉक्टर, तीन नर्सिंगकर्मी, तीन मैनेजमेंट कार्मिक, 5 काउंसलर एवं एक योगा टीचर है। निरीक्षण में पता लगा कि संस्थान में डॉ. मुनीष सिंघल, डॉ. गौरव डांढा एवं डॉ. अशोक अरोड़ा कार्यरत हैं, लेकिन मौके पर एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने डॉ. गौरव डांढा से फोन पर बात की, तो उसने बताया कि वह दो-तीन दिनों बाद सफा सेवा संस्थान पर विजिट करते हैं। अन्य दोनों डॉक्टरों से सम्पर्क नहीं हो पाया। नशामुक्ति केन्द्र पर लगभग 60 मरीज इलाज के लिए भर्ती थे। सीएमएचओ ने इलाज ले रहे मरीजों से मिल रहे उपचार, भोजन व्यवस्था एवं दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि मरीजों को दी जाने वाले दवाओं की पर्चिंयों पर डॉक्टर के हस्ताक्षर ही नहीं थे। कार्मिक रजिस्टर की जांच की गई, तो पता लगा कि नर्सिंग स्टॉफ धु्रव सिंह, गुरलाल सिंह व जयपाल सिंह भी अनुपस्थित हैं। रजिस्टर में जांच की गई तो पता लगा कि गुरलाल सिंह व जयपाल सिंह गत 27 जून से अनुपस्थित हैं। मरीजों की काउंसलिंग के लिए एक भी काउंसलर वहां मौजूद नहीं था।
दस्तावेज जमा न करवाने पर कठोर कार्रवाई
नशामुक्ति केन्द्र की अव्यस्थाओं देखते हुए सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने मौजूद कार्मिकों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द नशा मुक्ति का क्लिनिकल स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्ट्रेशन करवाएं। उन्होंने कहा कि दवा की पर्चियों पर डॉक्टर के हस्ताक्षर के बाद ही मरीजों को दवा दी जाए। उन्होंने सभी डॉक्टर्स, नर्सिंगकर्मी, काउंसलर एवं समस्त स्टॉफ के शैक्षणिक प्रमाण पत्र सीएमएचओ कार्यालय में जमा करवाने एवं मेस में खाना बनाने वाले सभी कार्मिकों के प्रतिवर्ष हैल्थ सर्टीफिकेट बनवाने के लिए निर्देश दिए। सीएमएचओ ने कहा कि संस्थान से संबंधित दस्तावेज जल्द से जल्द सीएमएचओ कार्यालय में जमा करवाएं अन्यथा अव्यवस्थाओं के चलते नशामुक्ति केन्द्र पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
